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इस सांसद की तारीफ करने से खुद को नहीं रोक पाए आमिर खान?

आमिर ने कहा है कि वो और उनकी टीम इस मुहिम का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। मोदी सरकार ने क्रांतिकारी फैसला उठाकर उनकी बात मान ली है...

शिमला। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा सांसद शांता कुमार की जमकर तारीफ की है। आमिर ने पत्र लिखकर देश में जेनरिक दवाओं को बढ़ावा देने वाली उनकी मुहिम की सराहना की है। आमिर ने कहा कि आपके प्रयासों से ही आज मोदी सरकार ने इस मामले पर ठोस पहल कर आदेश पारित किया है।

आमिर की बात को सरकार ने दी तरजीह

आमिर की बात को सरकार ने दी तरजीह

इससे पहले सत्यमेव जयते कार्यक्रम में जेनरिक दवाओं के मामले को उठाकर बहस का मुद्दा आमिर खान ने ही बनाया था। आमिर ने कहा है कि वो और उनकी टीम जेनरिक दवाओं की मुहिम का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। पत्र में आमिर ने लिखा है कि ये गर्व की बात है कि इस मुद्दे पर शांता कुमार द्वारा उन्हें और उनकी टीम को संसद में बुलाया गया। संयुक्त प्रयास से आखिरकार जेनरिक दवाओं को आम मरीजों तक पहुंचाने की व्यवस्था हो गई है।

सांसद शांता कुमार ने आमिर की बात पर किया गौर

सांसद शांता कुमार ने आमिर की बात पर किया गौर

इससे पहले शांता कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जेनरिक दवाओं संबंधी जारी किए गए आदेश का हवाला देकर पत्र के माध्यम से आमिर खान को बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि सरकार का ये कदम एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी होगा। एक भी पैसा खर्च किए बिना करोड़ों गरीबो को सस्ती दवाई मिलनी शुरू हो जाएगी। शांता कुमार ने 2013 में संसद की स्थाई समिति के अध्यक्ष के रूप में इस संबंध में विस्तृत रिर्पोट दी थी। वे लगातार प्रयत्न करते रहे और उस समय के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नवी आजाद से मिले थे। उन्होंने कहा कि कमेटी ने अपनी रिर्पोट में कहा था कि भारत का दवाई उद्योग जेनरिक दवाएं बनाने में विश्वभर में अग्रणी है। यहां लगभग एक लाख करोड़ रुपयों की दवाएं बनती हैं और पचास हजार करोड़ की दवाइयों का निर्यात होता है।

जेनरिक दवाएं हैं बिल्कुल कारगर

जेनरिक दवाएं हैं बिल्कुल कारगर

अमेरिका, यूरोप और यूनिसेफ भी ये दवाइयां खरीदता है। बड़ी कंपनियों की ब्रांड दवाओं के मुकाबले इन दवाइयों का मूल्य आधे से भी कम होता है और गुणवत्ता में बिलकुल बराबर होती है। शांता कुमार ने कहा कि कमेटी ने लंबे अध्ययन के बाद रिर्पोट में कहा था कि भारत में आज भी गरीब आदमी को ये जेनरिक दवाइयां नहीं मिलती क्योंकि भारत के अधिकतर डॉक्टर बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भारी भरकम कमीशन की लालच में रोगी की पर्ची में जेनरिक दवाइयां नहीं लिखते हैं, वे केवल बड़ी कंपनियों की ब्रांड दवाएं लिखते हैं।

मोदी सरकार ने सराही आमिर की मुहिम

मोदी सरकार ने सराही आमिर की मुहिम

जिस पर कमेटी ने ये सुझाव दिया था कि सरकार कानून द्वारा डाक्टरों को केवल जेनरिक दवाइयां लिखने के लिए बाध्य करे। जिसे मोदी सरकार ने मान लिया। शांता कुमार ने आमिर को लिखा था कि उनके सत्यमेव जयते कार्यक्रम की उस कड़ी का व्यापक असर हुआ जिसमें जेनरिक और अनजेनरिक दवाओं के पूरे तंत्र को आम लोगों के सामने रखा गया। शांता कुमार के मुताबिक उन्हें सत्यमेव जयते पर प्रसारित हुए कार्यक्रम की जानकारी उनकी पत्नी ने ही दी थी। जेनरिक दवाइयों को लेकर साल 2013 में शांता कुमार ने टीवी पर चले आमिर खान के शो सत्यमेव जयते पर आमिर खान से सीधे लाइव पर बात की थी। करीब एक घंटे के शो में आमिर खान और शांता की सीधी बात जेनरिक दवाइओं को लेकर हुई थी। शांता ने आमिर से कहा कि वो भी उनकी मुहिम में सहयोग दें।

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