शिव मंदिर विवाद के बीच अजमेर शरीफ में पीएम मोदी की तरफ से आज चढ़ाई जाएगी चादर, PM ने नहीं तोड़ी परंपरा
Ajmer Sharif Dargah: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाते है। वर्तमान समय में चल रहे शिव मंदिर के बीच पीएम मोदी अपनी हर साल की परंपरा को कायम रखते हुए आज गुरुवार को अजमेर शरीफ दरगाह पर एक 'चादर' भेज रहे हैं।
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी चादर लेकर दरगाह जाएंगे। शाम 6 बजे केंद्रीय मंत्री रिजिजू ख्वाजा मोइनुद्दीन जिश्ती के उर्स के दौरान पीएम मोदी की ओर से चादर चढ़ाएंगे।

अजमेर शरीफ में पीएम मोदी हर बार चढ़ाते हैं चादर
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक 10 बार अजमेर शरीद दरगाह में चादर चढ़ा चुके हैं। पिछली मोदी सरकार में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी पीएम मोदी की ओर से 812वें उर्स के मौके पर दरगाह चादर लेकर पहुंचे थे। 812वें उर्स में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और जमाल सिद्दीकी के साथ मुस्लिम समदुाय का प्रतिनिधि मंडल भी पहुंचा था।
पीएम मोदी ने नहीं तोड़ी परंपरा
राजस्थान की स्थानीय अदालत द्वारा हिंदू सेना की याचिका जिसमें दावा किया गया है कि दरगाह के नीचे भगवान का शिव मंदिर है, को स्वाीकार करने के एक महीने बाद पीएम मोदी ने हर बार की तरह इस बार भी उर्स में चादर भेजने की परंपरा को कायम रखने का फैसला लिया है।
अजमेर शरीफ में शुरू हो चुका है सलाना उर्स
बता दें अजमेर में स्थित अजमेर शरीफ दरगाह भारत सरकार के केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय के अंतर्गत आती है। और इस बार दरगाह में 28 दिसंबर से सलाना उर्स शुरू हो चुका है।
क्या है अजमेर शरीफ में शिव मंदिर विवाद
बता दें 2024 में अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर तब विवाद शुरू हुआ जब हिंदंू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अजमेर दरगाह में भगवान शिव का मंदिर होने का दावा किया था। और अजमेर सिविल कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका में उन्होंने दावा किया था कि ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के अंदर एक भगवान शिव का मंदिर है। राजस्थान की लोकल कोर्ट ने याचिका को स्वीकार कर लिया था और अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी थी।
27 नवंबर 2024 अजमेर की लोकल कोर्ट ने एक सिविल मुकदमें में तीन पक्षों को नोटिस जारी किया था।। जिसमें दावा किया गया था कि अजमेर की मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के अंदर एक शिव मंदिर है। 20 नवंबर को अजमेर शरीफ दरगाह कमेटी ने अजमेर की मुंसिफ कोर्ट में अर्जी दायर की थी और दरगाह के नीचे मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका को खारिज करने की अपील की थी। अब इस मामले में अगली सुनवाई अब 24 जनवरी 2025 को होनी है।












Click it and Unblock the Notifications