राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच पूर्व बसपा विधायक ने खुद को साबित किया तुरुप का इक्का
नई दिल्ली। राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहा है। पार्टी के दिग्गज नेता सचिन पायलट की बगावत के बाद अशोक गहलोत के लिए अपने विधायको को बचाए रखना बड़ी चुनौती है। पार्टी के तमाम विधायकों को जयपुर स्थित एक पॉश होटल में ठहराया गया है। यहां ये सभी विधायक, योग करते हैं, खाना बनाना सीखते हैं, खेलकूद सहित अलग-अलग फन एक्टिविटी करते हैं। शनिवार को इन विधायकों ने आमिर खान की फिल्म लगान देखकर अपना मनोरंजन किया। यही नहीं कुछ विधायकों ने यहां लोकप्रिय गेम हाउसी भी खेला।

बसपा विधायक ने जीता हाउस गेम
हाउसी खेल का मुख्य लक्ष्य होता है कि पत्तों का एक ऐसा संयोग बनाना जिससे 'हाउस' में जीत हासिल हो। इस खेल में जोगिंदर सिंह अवाना को जीत मिली जोकि बसपा के उन 6 विधायकों में से एक हैं, जिन्होंने राजस्थान के चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उन्होंने बसपा छोड़ दी थी। सूत्रों की मानें तो अपने विधायकों को सदन में वोट देने से रोकने के लिए बसपा कोर्ट जा सकती है और प्रदेश अशोक गहलोत सरकार के नंबर गेम को मुश्किल में डाल सकती है।
नंबर गेम
बता दें कि राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं। प्रदेश में कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं, जिसमे 19 विधायक भी शामिल हैं, जिन्होंने बगावती सुर छेड़ दिए हैं और सचिन पायलट के साथ खड़े हैं। इन विधायकों को विधानसभा स्पीकर ने अयोग्य करार देने का नोटिस भी जारी किया है। हालांकि इस नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। कांग्रेस का दावा है कि अशोकक गहलो सरकार के पास 109 विधायकों का समर्थन है, जिसमे बीटीपी के दो विधायक भी शामिल हैं।
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सीएम ने राज्यपाल से की मुलाकात
गौरतलब है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार शाम राजभवन पहुंचकर राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच करीब 45 मिनट तक ये बैठक चली। इसे एक शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है, जिसमें कोरोना को लेकर हालात की जानकारी सीएम ने गवर्नर को दी। साथ ही बहुमत होने का दावा करते हुए 102 विधायकों की सूची भी राज्यपाल को दी है। राजस्थान में बहुमत के लिए 101 विधायकों की जरूरत है।












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