'तमिल भारत की सबसे महान भाषाओं में से एक है', भाषा विवाद के बीच मदुरै में दिखा अमित शाह का तमिल प्रेम
Amit Shah in Madurai: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का तमिलनाडु के मदुरै में तमिल प्रेम देखने को मिला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार, 8 जून को एक जनसभा को संबोधित करते हुए तमिल भाषा को भारत की सबसे महान भाषाओं में से एक बताया।
इतना ही नहीं गृहमंत्री ने तमिल जनता से इस बात के लिए माफी मांगी कि वे तमिल में अपना संदेश नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि, 'तमिल में न बोल पाने के लिए तमिल जनता से क्षमा चाहते हैं।'

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे तमिलनाडु के लोगों का सम्मान करते हैं और तमिल भाषा की गरिमा को समझते हैं। उन्होंने कहा कि डीएमके सरकार ने भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं पार कर दी हैं और राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है।
"तमिल भारत की सबसे महान भाषाओं में से एक"
अमित शाह ने कहा, "मैं तमिलनाडु के लोगों से क्षमा चाहता हूँ कि मैं आपसे तमिल भाषा में बात नहीं कर पा रहा हूँ, जो कि भारत की सबसे महान भाषाओं में से एक है।" शाह की तमिल भाषा के सम्मान में यह टिप्पणी उस समय आई है जब देश में हिंदी बनाम दक्षिण भाषा का विवाद छिड़ा हुआ है। वहीं केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार के बीच तीन भाषा नीति को लेकर तकरार चल रही है।
What is the Tamil language dispute? केंद्र बनाम तमिलनाडु सरकार भाषा विवाद
शाह की यह टिप्पणी भाषा विवाद के बीच आई है, जिसमें तमिलनाडु की DMK सरकार और केंद्र सरकार के बीच तीखी बहस चल रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत लागू किए गए त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर स्टालिन सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्र हिंदी थोपने की कोशिश कर रही है।
स्टालिन ने इसे "नई भाषा लड़ाई की भूमिका" करार देते हुए कहा था कि तमिलनाडु इसके लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया था कि शिक्षा नीति के जरिए केंद्र तमिलनाडु पर राजनीतिक दबाव बना रहा है। हालांकि स्टालिन के इस विवाद के जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि "NEP किसी भी भाषा को थोपने की वकालत नहीं करती, बल्कि भाषाई स्वतंत्रता को बढ़ावा देती है।" उन्होंने स्टालिन से अपील की थी कि वे शिक्षा को राजनीति से दूर रखें और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठें।
2026 में बनेगी BJP-AIADMK की सरकार
गृह मंत्री शाह ने इस मौके पर आगामी 2026 विधानसभा चुनावों में NDA गठबंधन (BJP-AIADMK) की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा, "मैं दिल्ली में रहता हूँ, लेकिन मेरे कान हमेशा तमिलनाडु की जनता की आवाज़ पर रहते हैं। स्टालिन जी कहते हैं कि अमित शाह DMK को नहीं हरा सकते, वो सही हैं - DMK को मैं नहीं, तमिलनाडु की जनता हराएगी।"
DMK पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
अमित शाह ने DMK सरकार पर पोषण किट घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को 450 करोड़ रुपये की पोषण किटें भेजीं, लेकिन डीएमके सरकार ने इन्हें एक निजी कंपनी को सौंप दिया और गरीबों को उनके हक से वंचित कर दिया गया। शाह ने दावा किया कि यह भ्रष्टाचार सीधे गरीबों के भोजन से जुड़ा है और इसपर जनता को जवाब चाहिए।
2026 की तैयारी में जुटी BJP
अमित शाह का यह दौरा स्पष्ट संकेत देता है कि भाजपा अब तमिलनाडु में अपनी जड़ें गहराने और DMK को सत्ता से बाहर करने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने भाषण के जरिए एक तरफ जनता से भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश की, वहीं दूसरी तरफ DMK की नीतियों और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर आगामी चुनाव के लिए माहौल तैयार करने की कोशिश की।












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