Amazon-Future-Reliance case: रिलायंस रिटेल को तगड़ा झटका, SC ने अमेजन के पक्ष में सुनाया फैसला
नई दिल्ली, 06 अगस्त। आज उद्योगपति मुकेश अंबानी को करारा झटका लगा है क्योंकि आज सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस रिटेल और किशोर बियानी की फ्यूचर ग्रुप के बीच हुई 24,713 करोड़ की डील पर रोक लगाते हुए अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय कानून में आपातकालीन अवार्ड लागू करने योग्य है और इसलिए उसने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा है। आपको बता दें कि फ्यूचर रिटेल ने अपना पूरा बिजनेस रिलायंस रिटेल को बेच दिया था, जिसका विरोध अमेजन कर रहा था।सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रिलायंस के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है।

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अगस्त 2020 में रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की हुई थी डील
मालूम हो कि रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप की डील अगस्त 2020 में हुई थी, जिसका अमेजन नेविरोध किया था। उसका कहना है कि फ्यूचर ग्रुप ने रिलायंस के साथ डील कर उसके साथ हुए कांट्रैक्ट के नियमों का उल्लंघन किया है। मालूम हो कि अमेजन ने अगस्त 2019 में फ्यूचर कूपन्स लिमिटेड में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी और इस वजह से फ्यूचर ग्रुप बिना उससे पूछे कोई भी डील नहीं कर सकता है लेकिन रिलायंस के साथ जब फ्यूचर ग्रुप ने बिना बताए डील की तो उसने इसका विरोध किया।
आर्बिट्रेटर ने भी लगाई रोक
अमेजन का कहना था कि कांट्रैक्ट के नियमों के तहत कुछ कंपनियों के साथ फ्यूचर ग्रुप डील नहीं कर सकता है, उसमें रिलायंस रिटेल भी शामिल है इसलिए फ्यूचर ग्रुप के खिलाफ एक्शन होना चाहिए क्योंकि उसने नियम तोड़ा है। अमेजन के इस विरोध के बाद सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेटर ने भी अक्टूबर 2020 में इस डील पर रोक लगा दी थी और इस पूरे मामले के एक पूरी रिपोर्ट देने के लिए एक पैनल गठित किया था लेकिन पैनल ने अभी तक आर्बिट्रेटर को रिपोर्ट सौंपी नहीं है।
अमेजन ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा
अमजेन ने इंडिया में इस डील के खिलाफ दिल्ली कोर्ट में याचिका दायर की थी। पहले तो हाईकोर्ट की एकल बेंच ने अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाया लेकिन फ्यूचर रिटेल लिमिटेड द्वारा इस फैसले खिलाफ अपील किए जाने पर दो जजों की बेंच ने पूर्व फैसले को पलट दिया। जिसके बाद अमेजन सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जिस पर आज फैसला आया है।
फ्यूचर ग्रुप ने दिया था ये बयान
इस पूरे मामले पर फ्यूचर ग्रुप का कहना है कि उसने कोई नियम नहीं तोड़ा। कांट्रैक्ट के नियमों के मुताबिक ही उसने काम किया है। उसने पहले डील का ऑफर अमेजन को ही दिया था लेकिन अमेजन ने उसे ठुकरा दिया। इसलिए हमने फिर बाकी कंपनियों से बात की , जिसमें डील रिलांयस रिटेल के साथ पक्की हुई। कांट्रैक्ट के नियमों के मुताबिक हमें अमेजन को सिर्फ बताना था, ना कि उससे किसके साथ डील करें ये पूछना था।
रिलायंस रिटेल के बारे में खास बातें
मालूम हो कि मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस रिटेल एक भारतीय रिटेल कंपनी है, जो कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड सहायक कंपनी है, जो कि साल 2006 में अस्तित्व में आई थी। राजस्व के मामले में यह इंडिया की सबसे बड़ी खुदरा विक्रेता है। मुकेश अंबानी की इस कंपनी ने साल 2019- 20 की समाप्ति पर उपभोक्ता इलेक्ट्रानिक्स, फैशन एवं जीवनशैली, किराना खुदरा सीरीज स्टोर में 13.1 प्रतिशत वृद्धि हासिल की थी। पूरे भारत इसके 11,784 स्टोर हैं, इसके साथ ही यह कंपनी ई-कॉमर्स के भी प्रोडक्ट बेचती है।












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