मायावती के बयान के बाद अमर सिंह ने महागठबंधन पर उठाया सवाल
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने जिस तरह से मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में गठबंधन की संभावना से इनकार किया है, उसके पूर्व सपा नेता अमर सिंह ने मायावती के बयान के बाद बड़ी बात कही है। अमर सिंह ने कहा कि मायावती सपाईयों द्वारा उनके उपर किए गए अत्याचार को भूली नहीं हैं। साथ ही अमर सिंह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा है उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस यह सोच रही है कि वह अकेले भाजपा को हरा देगी तो वह भ्रम में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा का गठबंधन मुझे दिवा स्वप्न लगता है।

अमर सिंह ने कहा कि मायावती ने जो बयान दिया है कि वह लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कंग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेंगी, वह कांग्रेस और महागठबंधन के लिए बड़ा झटका है। शुरुआत में ही महागठबंधन के भीतर दरार साफ तौर पर दिख रही है। मायावती के बयान से साफ है कि वह कांग्रेस की धोखेबाजी को नहीं भूली हैं। अमर सिंह ने ट्वीट के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधा है। इसमें उन्होंने कांग्रेस, और पीएमओ को भी टैग किया है।
अमर सिंह ने कहा कि अगर कांग्रेस के मन मस्तिष्क में अगर यह विचार है कि वह बिना गठबंधन के अकेले भाजपा को हरा सकती है, तो वह मूर्खों के स्वर्ग में रही है। मायावती ने कहा कि हम मध्य प्रदेश और राजस्थान में अकेले लड़ेंगे, हमारा कांग्रेस के साथ गठबंधन का प्रश्न ही नहीं उठता है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान उपर जो मुकदमे दर्ज किए गए, उसकी वजह से आज भी मायावती अपने आत्म सम्मान की लड़ाई कोर्ट में लड़ रही हैं। उधर आजम खान जैसे दोयम दर्जे के जो नेता हैं वह कहते हैं कि बबुआ जवान हो गया है, गोदी में बैठ जाइए बहन जी, बहुत मजा आएगा। ऐसे आपत्तिजनक बयान देने वाले, बबुआ की जवानी की दुहाई देने वाले, नारी शक्ति का घनघोर अपमान करने वालों, शारीरिक आक्रमण, जबानी आक्रमण को मायावती कैसे भूल पाएंगी।
गौरतलब है कि मायावती ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस करके कहा था कि बीएसपी राजस्थान और मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी। मायावती ने कहा कि राहुल और सोनिया गांधी दिल से चाहते थे कि, बीएसपी के साथ गठबंधन हो लेकिन दिग्विजय सिंह जैसे लोगों ने नहीं होने दिया।राहुल गांधी और सोनिया गांधी दिल से चाहते थे कि इन विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का बीएसपी के साथ गठबंधन हो, लेकिन मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह जैसे नेता कांग्रेस और बीएसपी का गठबंधन नहीं होने देना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि, दिग्विजय सिंह सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों के डर से ऐसा नहीं होने देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि, बीएसपी और कांग्रेस में गठबंधन ना होने पाए इसके पीछे दिग्विजय सिंह का निजी स्वार्थ शामिल है।












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