इंदौर की कोरोना योद्धाओं के गंभीर आरोप- हमें ठीक से खाना भी नहीं मिलता, सुरक्षित भी नहीं
नई दिल्ली- मध्य प्रदेश के इंदौर के एक अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना वायरस से जारी जंग को लेकर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायतों से लगता है कि उन्हें कोरोना के खिलाफ जंग में अकेला ही छोड़ दिया गया है, कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है। जबकि, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार ऐसे कोरोना योद्धाओं का सम्मान करने की अपील कर चुके हैं। लेकिन, भाजपा शासित मध्य प्रदेश के कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने अपना जो दर्द सुनाया है, वह हिलाकर रख देने वाला है।

मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित मनोरमा राजे टीबी अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने आरोप लगाा है कि, 'हम 30 लोग हैं और हर एक कमरे में दो-दो लोग हैं। हमारे कमरों की सफाई नहीं होती और सैनिटाइज भी नहीं किया जाता। हमें ठीक से खाना भी नहीं मिलता। हमारा एक स्टाफ कोविड19 पॉजिटिव हो चुका है, लेकिन हमारे लिए कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए गए हैं।'
सवाल है कि जब कोई सरकार या स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस से अगली कतार में रहकर जंग लड़ने वालों का ख्याल नहीं रख सकती तो बाकी नागरिकों का क्या होगा। बता दें कि ये स्थिति तब है जब इंदौर कोरोना वायरस की गंभीर चपेट में है और यह शहर पूरी तरह से सील किया गया है। मंगलवार दोपहर तक यहां कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 411 हो चुकी थी। अलबत्ता मौत की दर में गिरावट जरूर बताई जा रही है, हालांकि राष्ट्रीय औसत से यहां ये अभी भी ज्यादा है। बता दें कि इंदौर में अब इस बीमारी से 35 लोगों की मौत हो चुकी है।
गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर तक देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 10,363 हो चुकी है, जबकि 339 लोगों ने इसकी वजह से दम तोड़ दिया है। हालांकि, 1,036 लोग इससे उबर कर अपने घरों को भी लौट चुके हैं।












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