जानिए ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एएन-32 से जुड़ी कुछ खास बातें
चेन्नई। शुक्रवार को एक बुरी खबर इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) की ओर से आई जब यह पता लगा कि ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एएन-32 रडार से गायब है और इसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। आईएएफ का दावा है कि सुबह 9:30 बजे तक एयरक्राफ्ट संपर्क में था और इसके बाद से इसका कुछ पता नहीं लग पा रहा है। वहीं चेन्नई एयरपोर्ट के एटीसी का कहना है कि सुबह 8:12 मिनट तक वह एयरक्राफ्ट के सपंर्क में थे।

जल्द मिलेंगे नतीजे
एएन-32 को शुक्रवार सुबह 11:30 बजे चेन्नई पहुंचना था। रक्षा मंत्रालय की ओर से बंगाल की खाड़ी में एक सर्च एंड रेस्क्सू ऑपरेशन लांच कर दिया गया है। इंडियन नेवी की चार वॉरशिप्स के अलावा एयरफोर्स भी रेस्क्यू में लगा है।
इंडियन एयरफोर्स के कैप्टन डीके शर्मा ने मीडिया को जानकारी दी है कि पूरी ताकत के साथ रेक्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है जल्द ही नतीजे मिलेंगे। दावा किया जा रहा है कि खराब मौसम की वजह से एयरक्राफ्ट का रडार से संपर्क टूट गया।
इंदिरा गांधी ने की थी डील
- इंडियन एयर फोर्स के पास इस समय 105 एएन-32 सेवा में हैं।
- ट्विन इंजन वाला यह एयरक्राफ्ट कार्गो फ्लाइट के लिए प्रयोग होता है।
- शुक्रवार के समय फ्लाइट में 29 लोग थे जिसमें से 23 पर्सनल और छह क्रू मेंबर्स थे।
- यह एयरक्राफ्ट 7.5 टन कार्गो या फिर 50 पैसेंजर्स को ट्रांसपोर्ट कर सकता है।
- इस एयरक्राफ्ट के 10 वर्जन हैं।
- एएन32 530 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है।
- वजन 16,800 किलोग्राम और टेक ऑफ के समय इसका अधिकतम वजन 27,000 किग्रा होता है।
- नागरिक और सैनिक दोनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है।
- एएन32 के प्रोटोटाइप वर्जन ने जुलाई 1976 में पहली उड़ान भरी थी।
- यह एयरक्राफ्ट गर्म और ऊंचाई जैसी जगहों पर भी टेक ऑफ कर सकता है।












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