रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न में होशियारी दिखाने वालो की खुलेगी पोल, ये है सरकार का निर्देश
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के डायरेक्टर रोहित गर्ग की तरफ से सभी प्रमुख चीफ आईटी कमीश्नरों को ईमेल कर कहा गया है कि वे सभी टैक्स अधिकारियों को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने वाले टैक्स पेयर्स की जांच करें। जांच के दैरान इन बातों का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद जिन लोगों ने होशियारी दिखाते हुए रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की है उनके लिए बुरी खबर है। शुक्रवार को सरकार ने सभी टैक्स अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सिर्फ उन्हीं रिवाइज्ड टैक्स रिटर्न को स्वीकार किया जाए 'जहां टैक्सपेयर्स ने भूलवश कोई चूक हुई है'। अगर जांच में इस बात पर जरा भी शक हो कि करदाता ने अपनी छिपाई हुई रकम को वैध करने की कोशिश की है तो उनकी जांच की जाए।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) के डायरेक्टर रोहित गर्ग की तरफ से सभी प्रमुख चीफ आईटी कमीश्नरों को ईमेल कर कहा गया है कि वे सभी टैक्स अधिकारियों को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने वाले टैक्स पेयर्स की जांच करें। जांच के दैरान इन बातों का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- पहली रिटर्न के आंकड़े के मुकाबले संशोधित रिटर्न में बताए गए स्टॉक में असंतुलन।
- मार्च 2016 और मार्च 2015 के मुकाबले ज्यादा कैश तो नहीं दिख रहा।
- कम देनदारियों के लिए नकदी का इस्तेमाल।
- मार्च 2016 और मार्च 2015 के मुकाबले कम क्लॉजिंग स्टॉक।
- कुछ भी संदिग्ध दिखने पर करदाता के पुराने आंकड़े देखे जाएं।
आपको बता दें कि नोटबंदी की घोषणा के बाद हजारों लोगों ने अपने छिपाए हुए पैसे को बैंकों में जमा करना शुरू कर दिया। सरकार की सख्ती के बाद ज्यादातर लोगों ने रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया और जमा किए गए एक्स्ट्रा पैसे के लिए 30 पर्सेंट टैक्स जमा कर दिया। ऐसा करने वाले लोगों को लगा होगा कि ऐसा करने से वे साफ भी साबित हो जाएंगे और टैक्स अधिकारियों की नजर में भी नहीं आएंगे। इनकम टैक्स ऐक्ट के मुताबिक, कोई भी करदाता तभी रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकता है, जब उसने भूलवश कोई गलत स्टेटमेंट दिया हो।












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