उरी अटैक: आतंक के खिलाफ एकजुट हुए विपक्षी दल, सख्त कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली। उरी में रविवार को हुए आतंकी हमले में भारत के 17 जवान शहीद हो गए थे। इस मामले पर कांग्रेस, लेफ्ट, आम आदमी पार्टी और जेडीयू ने सुर में सुर मिलाते हुए आतंकवाद की खिलाफत की है। इस मुद्दे पर न सिर्फ ये सभी पार्टियां एकमत हुई हैं बल्कि इन सभी ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।

कांग्रेस ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि इस घटना से पार्टी की मुखिया सोनिया गांधी आहत हैं और उन्हें शहीदों से पूरी सहानुभूति है। सोनिया गांधी ने इसे कायरतापूर्ण हमला बताया और कहा कि उन्हें यकीन है कि आतंकवाद से सख्ती से निबटा जाएगा।
वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस आतंकी घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देश उरी आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिकों की शहादत को ताउम्र याद करेगा। वहीं उनके सहयोगी दल आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इसे भारत सरकार की असफलता करार दिया।

पीएम मोदी पर लालू का निशाना
लालू ने कहा कि हमारे सैनिक सरहद पर इसलिए मारे गए क्योंकि भारतीय प्रधानमंत्री का आतंक के खिलाफ लचर रवैया रहा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है लेकिन यह अब भारत के हाथ से फिसलता हुआ दिखाई दे रहा है। लालू ने कहा कि यह वक्त आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का है। उन्होंने इंटेलिजेंस अलर्ट के बावजूद भारतीय सैनिकों पर हमले होने को लेकर आश्चर्य भी जताया।
वहीं भारत के पूर्व रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह हमला बड़ी सुरक्षा चूक को दर्शाता है। केंद्र सरकार ने पठानकोट हमले से सबक नहीं लिया।
सुरक्षा के लिए हों पर्याप्त इंतज़ाम
पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि सरकार को बॉर्डर पर सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा,'उरी में हुए आतंकी हमले से हैरान हूं। मैं जवानों की शहादत को सलाम करता हूं। सरकार को बॉर्डर सुरक्षा को मजबूत करने और जवानों की हिफाजत के लिए हरसंभव प्रयास करना चाहिए।' जबकि कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने पीएम मोदी से इस मामले पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में इस आतंकी हमले की निंदा की है। उन्होंन ट्वीट में लिखा कि मैं शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।

सीपीएम ने उरी आतंकी हमले की आलोचना करने के साथ ही केंद्र सरकार को जल्द से जल्द सर्वदलीय बैठक कर राजनीतिक संवाद के साथ कश्मीर मुद्दे को सुलझाने का हल निकालने को कहा है।
यह बोले दिल्ली के सीएम
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारत को ऐसे कायराना हमलों से झुकाया नहीं जा सकता। मैं उरी हमले में शहीद हुए जवानों की निंदा करता हूं। मेरी संवेदना उनके परिजनों के साथ हैं।
शिवसेना ने सरकार को दी चेतावनी
जगके बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि अगर मोदी सरकार पाकिस्तान के खिलाफ इस हमले को बाद भी जल्द से एक्शन नहीं लेती है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा कि अब पाकिस्तान के साथ बातचीत का दौर नहीं है। अगर सरकार ऐसे आतंकी हमलों को रोक पाने में सक्षम नहीं है तो जनता सरकार का विरोध भी कर सकती है।












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