वजुभाई वाला: कभी मोदी के लिए के लिए छोड़ दी थी अपनी सीट, जानें कौन हैं कर्नाटक के राज्यपाल
बेंगलुरु। कर्नाटक में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कांग्रेस नंबर दो पर है, जबकि जेडी-एस नंबर तीन पर। कुल मिलाकर कर्नाटक में वोटों की गिनती त्रिशंकु विधानसभा की ओर जा रही है। दूसरी ओर मौके की नजाकत को देखते हुए कांग्रेस ने बड़ा दांव चल दिया है। पार्टी ने जेडी-एस को सीएम पद देते हुए खुले समर्थन का ऐलान कर दिया है। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने बिजली जैसी तेजी दिखाते हुए नतीजे आने से पहले ही जी परमेश्वरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल को कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के पास रवाना कर दिया। लेकिन कर्नाटक की कहानी इतनी सीधी नहीं है। एक बार फिर नया ट्विस्ट आया और कांग्रेस के डेलीगेशन को राजभवन में घुसने तक नहीं दिया गया। राज्यपाल ने ऐसा क्यों किया इस बारे में तो अभी तक राजभवन से कोई जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन इसमें शक नहीं कि अब सबकी नजरें राज्यपाल वजुभाई वाला पर टिकी हैं। वजुभाई वाला नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी माने जाते हैं। वह गुजरात बीजेपी के कद्दावर नेता रहे हैं।

कभी मोदी के लिए वजुभाई वाला ने छोड़ दी थी अपनी सीट
एक जमाना था जब राजकोट में कांग्रेस कभी हारती नहीं थी। लेकिन 1980 के बाद एक जमाना ऐसा भी आया जब कांग्रेस इस सीट पर कभी जीत नहीं पाई। कांग्रेस की इस हार के पीछे जो शख्स था, उसका नाम है वजुभाई वाला, कर्नाटक के मौजूदा गवर्नर। वजुभाई वाला वही शख्स हैं, जिन्होंने 2002 में नरेंद्र मोदी के लिए अपनी राजकोट सीट खाली थी। उस वक्त नरेंद्र मोदी सीएम बन चुके थे और वजुभाई वाला की खाली सीट पर नरेंद्र मोदी ने 45 हजार से ज्यादा वोटों प्राप्त कर जीत दर्ज की थी। उस उपचुनाव में मोदी के सामने खड़े हुए कांग्रेस के अश्विनी मेहता को 30,570 वोट मिले थे।

मोदी सरकार में गुजरात के वित्त मंत्री भी रहे वजुभाई वाला
बाद में नरेंद्र मोदी ने राजकोट की जगह मणिनगर से चुनाव लड़ा और वजुभाई वाला वापस अपनी राजकोट सीट पर आए। वजुभाई वाला इसके बाद भी जीत का सिलसिला जारी रखा और 2002 के बाद 2007 और 2012 में भी राजकोट से जीत दर्ज की। वजुभाई वाला मोदी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार में वित्त मंत्री भी रहे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वजुभाई वाला मोदी के कितने करीब रहे।

केंद्र की सत्ता में आने के बाद मोदी ने दिया वजुभाई वाला को तोहफा
2014 में जब पीएम नरेंद्र मोदी केंद्र की सत्ता में आए तो उन्होंने वजुभाई वाला को कर्नाटक के राज्यपाल का महत्वपूर्ण पद सौंपा। वजुभाई वाला के बाद राजकोट सीट विजय रूपाणी को दे दी गई, जो कि इस समय गुजरात के सीएम हैं।












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