2000 रुपए के नोट वापसी के बीच बड़ी राहत, 2023 में लगभग सभी वस्तुओं की कीमतों में नरमी की संभावना

महंगाई को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बहुत ही राहत भरी जानकारी दी है। आने वाले महीनों में सभी वस्तुओं की कीमतें कम हो सकती हैं। सिर्फ बहुमूल्य धातुओं की कीमतें ज्यादा रह सकती हैं।

Commodity prices

महंगाई के मोर्चे पर सोमवार को सरकार की ओर से बहुत ही राहत बड़ी जानकारी दी गई है। वित्त मंत्रालय ने अपनी मासिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा है कि बहुमूल्य धातुओं को छोड़कर सभी वस्तुओं की कीमतों में चालू वित्त वर्ष में नरमी रहने की संभावना है। हालांकि, यह अभी भी महामारी से पहले के स्तर से ज्यादा बनी रह सकती है।

वस्तुओं की कीमतें और कम होने का अनुमान-रिपोर्ट
वित्त मंत्रालय ने अप्रैल, 2023 के वर्ल्ड बैंक के कमोडिटी आउटलुक के हवाले से कहा है कि 2022 की तीसरी तिमाही के अंत से अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी की कीमतें गिरनी शुरू हो गई थीं और 2022 के स्तर की तुलना में 2023 में इसके आगे और कम होने का अनुमान है।

खाद्य मूल्य सूचकांक में भी गिरावट की संभावना- वित्त मंत्रालय
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है, 'प्रमुख उत्पादक देशों में अच्छी पैदावार होने के कारण 'तेल और खाद्य चीजें' और 'अनाज' की कीमतों में गिरावट के कारण खाद्य मूल्य सूचकांक में भी 2023 में कमी होने की उम्मीद है।'

फर्टिलाइजर के दाम 37% तक कम हो सकते हैं
वहीं कृषि इस्तेमाल की चीजें जैसे कि फर्टिलाइजर के दाम 2023 में 37 फीसदी तक कम रहने का अनुमान जताया गया है, क्योंकि इसकी इनपुट लागत कम हुई है और आगे सप्लाई से जुड़ी बाधाएं और कम होने वाली हैं।

ऊर्जा की कीमतें भी घटने की संभावना
इसी तरह से बेस मेटल जैसी अन्य वस्तुएं और ऊर्जा की कीमतें भी कम होने के आसार जताए गए हैं। इसकी वजह ये है कि दुनिया भर में इनकी मांगों में कमी देखी जा रही है। मुद्रास्फीति के नजरिए से इसमें कहा गया है कि 2022-23 में अनाजों के बंपर पैदावार की संभावना है।

आगे खाद्य महंगाई कम रहने की उम्मीद
इसके चलते 2023-24 के खरीफ सीजन में भी अच्छी पैदावार की संभावनाएं हैं, जिसके चलते आने वाले महीनों में खाद्य मुद्रास्फीति कम रहने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 'अप्रैल, 2023 में निर्मित उत्पादों में मुद्रास्फीति, खास करके बेस मेटल और खाद्य उत्पाद और तेल एवं बिजली का महंगाई कम होने में प्रमुख योगदान रहा है।'

थोक महंगाई माइनस में पहुंच गई
थोक महंगाई 18 महीनों तक दहाई अंक में रहने के बाद अप्रैल, 2023 में 33 महीनों के निचले स्तर पर गिरकर माइनस 0.9 प्रतिशत तक पहुंच गई। खुदरा महंगाई भी अप्रैल 2022 में 7.8 फीसदी के सर्वोच्च स्तर से धीरे-धीरे कम होकर अप्रैल 2023 में 4.7 फीसदी रह गई है, जो कि 18 महीनों बाद सबसे कम है।

वित्त मंत्रालय ने दी ये चेतावनी
लेकिन, इसके साथ ही वित्त मंत्रालय ने एक चेतावनी भी दी है कि 'हालांकि, कई ऐसे कारक भी हैं, जैसे कि अनुमानित तेल आपूर्ति में किसी तरह की बाधा, चीन से अनुमान से ज्यादा डिमांड, भू-राजनीतिक तनाव में बढ़ोतरी और मौसम की प्रतिकूल स्थिति, इन पूर्वानुमानों के लिए विपरीत जोखिम पैदा कर सकते हैं।' (स्रोत: एएनआई)

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