संजय दत्त और कसाब से सच उगलवाने वाले राकेश मारिया
मुंबई। मंगलवार को जैसे ही मुंबई पुलिस के कमिश्नर पद से राकेश मारिया को हटाए जाने की खबरें आईं तो लोगों की यकीन नहीं हुआ। शीना बोरा मर्डर केस की जांच कर रहे राकेश मारिया पिछले कुछ समय से काफी सुर्खियों में थे। किसी को भी इस बात का इल्म नहीं था कि उन्हें उनके पद से हटा दिया जाएगा।
पढे़ं-राकेश मारिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें

1993 के मुंबई ब्लास्ट से से लेकर 26/11 को उसके अंजाम तक पहुंचने वाला पुलिस ऑफिसर कोई और नहीं बल्कि राकेश मारिया ही है। एक नजर डालिए कौन हैं मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया और कैसे उन्होंने आतंकवाद और अंडरवर्ल्ड को मुंबई में काबू करने में अपना योगदान दिया है।
फिल्मी बैकग्राउंड वाले राकेश मारिया
- राकेश मारिया एक फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
- मशहूर प्रोडक्शन हाउस कला निकेतन उनके परिवार का ही है।
- मारिया वर्ष 1981 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं।
- उनकी पहली पोस्टिंग महाराष्ट्र के अकोला में अस्सिटेंट सुपरिटेंडेंट के तौर पर हुई थी।
- 1986 में वह मुंबई आए और 1993 में उन्हें ट्रैफिक पुलिस का डिप्टी कमिश्नर बनाया गया।
- 15 फरवरी 2014 को उन्हें मुंबई पुलिस के कमिश्नर के तौर पर नियुक्त किया गया।
- मारिया ने 1992-1993 में जापान जाकर ट्रैफिक मैनेजमेंट की ट्रेनिंग ली थी।
मुंबई ब्लास्ट ने बदला करियर
- मारिया के करियर में मार्च 1993 का ब्लास्ट एक नया मोड़ लेकर आया।
- इस ब्लास्ट के बाद उन्हें मुंबई पुलिस का डीसीपी नियुक्त किया गया।
- मारिया ने इस ब्लास्ट की जांच की और करीब 100 लोगों को सजा मिली।
- मुंबई ब्लास्ट में संजय दत्त से पूछताछ और उनसे सच कुबूलवाने की श्रेय मारिया को ही है।
- मारिया ने 2003 में गेटवे ऑफ इंडिया ब्लास्ट, झावेरी बाजार ट्विन ब्लास्ट, 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट की जांच की।
- मारिया ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड पर लगाम लगाने में बड़ी भूमिका अदा की है।
- डॉन अरुण गवली को एक मास्टर प्लान के तहत सलाखों के पीछे पहुंचाया।
- पुणे में 2007 में जर्मन बेकरी ब्लास्ट के केस को सॉल्व किया।
- मुंबई में इंडियन मुजाहिद्दीन के नेटवर्क को मारिया ने ही तोड़ा।
- 26/11में जिंदा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब से पूछताछ की।
थर्ड डिग्री पर मारिया
- एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में मारिया ने बताया कि थर्ड डिग्री को लेकर लोगों में कई तरह के कंफ्यूजन हैं।
- मारिया के मुताबिक सिर्फ टॉर्चर करने से कभी कोई अपराधी या आतंकी सच नहीं बताता है।
- उन्होंने बताया आजकल आतंकवादी काफी चालाक हैं और उनका ब्रेनवॉश कर दिया जाता है।
- आज किसी भी अपराधी या फिर आतंकी की साइकोलॉजी को समझना पड़ता है।
- पिटाई के बाद भी अब अपराधी कुछ नहीं बताते हैं।
- पुलिस को सच जानने के लिए कई तरह के माइंड गेम खेलने पड़ते हैं।
- मारिया के मुताबिक कभी-कभी तो उन्हें खुद पूछताछ में शामिल होना पड़ता है।












Click it and Unblock the Notifications