अखनूर हमले के बाद बोले विशेषज्ञ, अब तो पाकिस्तान पर लो कोई एक्शन
अखनूर आतंकी हमले के बाद रक्षा विशेषज्ञों का कहना कि इस बात में कोई शक नहीं पाकिस्तान मिलिट्री आतंकवादियों की ट्रेनिंग, फंडिंग और भारत में उनकी घुसपैठ के लिए सीधे तौर पर है जिम्मेदार।
नई दिल्ली। सोमवार को जम्मू के अखनूर सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के स्थित जनरल इंजीनियरिंग रिजर्व फोर्स (जीआरईएफ) के कैंप पर हमला हुआ। इस हमले में तीन कर्मियों की मौत हो गई। इस हमले के बाद भारत के रक्षा विशेषज्ञों ने अंतराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह आतंकवाद को खत्म करने के लिए गंभीर कदम उठाए।

अंतराष्ट्रीय समुदाय करे इसकी निंदा
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि इस बात में अब कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान की मिलिट्री आतंकवादियों की ट्रेनिंग और फंडिंग के साथ आतंकियों को भारत में घुसपैठ के लिए जिम्मेदार है। रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि यह काफी दुखद खबर है और अंतराष्ट्रीय समुदाय को इसकी निंदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह पहला मौका जब ऐसी घटना हुई है। वर्ष 2016 में कई हमले हुए और अब समय आ गया है जब अंतराष्ट्रीय समुदाय को इसकी निंदा करनी होगी।' उन्होंने कहा कि इस बात में अब कोई शक नहीं होना चाहिए कि पाकिस्तान ऐसे हमलों के लिए आतंकवादियों की मदद करता है और उन्हें भारत में घुसपैठ कराता है। पाकिस्तान सीधे तौर पर इन हमलों और मासूमों की मौत के लिए जिम्मेदार है। यह वाकई काफी दुखद है। पढ़ें-जानिए क्या है GREF जिस पर हुआ है साल का पहला आतंकी हमला
सर्जिकल स्ट्राइक्स के बाद हमलों में तेजी
एक और रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रिटायर्ड) एसआर सिनो ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक्स के बाद पाकिस्तान की तरफ से होने वाले हमलों में काफी तेजी आई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पिछले चार-पांच माह से सिर्फ सिक्योरिटी फोर्सेज पर हमला कर रही है। आतंकवादियों की ओर से भी हमलों में तेजी आ गई है। ये आतंकवादी आम नागरिक हैं जिन्हें पाकिस्तान की ओर से आर्थिक मदद मिलती है और इन्हें ट्रेनिंग दी जाती है। इन आतंकियों को मालूम होता है कि ये भी हमलों में मारे जाएंगे। सिनो ने बताया कि आतंकवादी अब अपनी गतिविधियों को घाटी से अलग जम्मू-पठानकोट इलाके में अंजाम दे रहे हैं। इसकी वजह है भारी बर्फबारी का होना। जीआरईएफ पर आतंकी हमले के बाद से ही अखनूर में हाई अलर्ट है और सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। जीआरईएफ पर हुआ हमला वर्ष 2017 का पहला आतंकी हमला है और नगरोटा में 30 नवंबर को हुए आतंकी हमले के बाद बड़ा हमला है।












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