अखिलेश ने लिखा पत्र: मोदी जी प्लीज 30 नवंबर तक चलने दें पुराने नोट, लोगों को हो रही है दिक्कत
उन्होंने आगे लिखा है कि ‘‘आपसे अनुरोध है कि आप तत्काल हस्तक्षेप करके निजी अस्पतालो, नर्सिग होम और दवा की दुकानों में 500 और 1000 रपये के नोटों की स्वीकार्यता कम से कम 30 नवम्बर तक बढ़ाने के आदेश दें।
लखनऊ। 500 और 1000 के नोट बंद होने से आ रही परेशानियों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और दवा की दुकानों पर 500 और 1000 के पुराने नोटों की स्वीकार्यता को कम से कम 30 नवंबर तक बढ़ाने का अनुरोध किया है।

इसमें उन्होंने लिखा है कि अब भी बहुत बड़ी आबादी अपनी चिकित्सीय आवश्यकताओं के लिये निजी क्षेत्र पर निर्भर है। ऐसे में 500 और 1000 के नोटों का चलन गत आठ नवम्बर को अचानक बंद किये जाने से खासकर निजी अस्पतालों और नर्सिग होम में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतें हो रही हैं।
कई मरीजों के लिये यह स्थिति जानलेवा भी हो रही है। उन्होंने आगे लिखा है कि ''आपसे अनुरोध है कि आप तत्काल हस्तक्षेप करके निजी अस्पतालो, नर्सिग होम और दवा की दुकानों में 500 और 1000 रपये के नोटों की स्वीकार्यता कम से कम 30 नवम्बर तक बढ़ाने के आदेश दें, ताकि नये नोटों की उपलब्धता की स्थिति सामान्य होने तक गरीबों और आम जनता को कम से कम चिकित्सा एवं उपचार के लिये परेशान ना होना पड़े''।

सपा पहले ही कर चुकी है नोट बंदी की आलोचना
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा नोटबंदी के इस फैसले का सपा और बसपा जैसी प्रमुख पार्टियां पहले ही आलोचना कर चुकी हैं। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जहां इस मामले में 10 दिनों की राहत की मांग की थी, तो वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने इस नोटबंदी को 'अघोषित आर्थिक आपातकाल' करार दिया था।












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