सामने आईं अखिलेश के नए घर की पहली तस्वीरें, देखिए अंदर से कैसा है बंगला
अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सुशांत गोल्फ सिटी में अपने नए घर में प्रवेश किया और गृह प्रवेश की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं।
नई दिल्ली। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इन दिनों सुर्खियों में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अखिलेश यादव ने अपना सरकारी बंगला तो खाली कर दिया, लेकिन इसके साथ ही एक नया विवाद शुरू हो गया। मीडिया में आई कुछ तस्वीरों के आधार पर कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव ने बंगला खाली करने से पहले उसमें तोड़फोड़ कर पानी की टोंटी तक निकाल ली। वहीं, अखिलेश का कहना है कि भाजपा नफरत की राजनीति के तहत उनपर झूठे आरोप लगा रही है। इस बीच अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सुशांत गोल्फ सिटी में अपने नए घर में प्रवेश किया और गृह प्रवेश की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं।

आरोपों के बीच नए घर में प्रवेश
अखिलेश यादव ने शुक्रवार को विधि-विधान से पूजा कर नए घर में प्रवेश किया और गृह प्रवेश की तस्वीरें अपने फेसबुक और ट्विटर पेज पर शेयर करते हुए लिखा, 'आज गृह प्रवेश की पूजा भी हुई और सबके आशीर्वाद से नए घर में प्रवेश का शुभ-कार्य भी संपन्न हुआ।' इससे पहले अखिलेश यादव ने सरकारी बंगले के अंदर से टोंटी निकाल ले जाने के आरोप पर कहा कि टोंटी उखाड़ लेने की बात कर योगी सरकार उनको बदनाम कर रही है। अखिलेश ने कहा कि इस तरह से फोटोग्राफी की गई कि लगे बंगला सारा टूटा हुआ है, ये सब एक खास मंशा के तहत किया गया है।

'जो चीजें मेरी थीं, केवल वही लेकर गया'
आरोपों पर जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, 'जो चीजें मेरी थीं, उन्हें मैं ले गया लेकिन ये कहना कि मैंने जनता के पैसे का दुरुपयोग किया ये बिल्कुल गलत है। ये सब हमारा अपमान करने के लिए किया गया है। कुछ अधिकारी सरकार की निगाहों में अपने नंबर बढ़ाने के लिए उनको बदनाम कर रहे हैं। मैं कोई भी सरकारी चीज बंगले से नहीं ले गया हूं, अगर ऐसा हुआ है तो मुझे बताया जाए। हाल के दिनों में उपचुनाव हारने का बदला भाजपा उन्हें बदनाम करके ले रही है।'

संपत्ति विभाग को सौंपी अखिलेश ने चाभी
आपको बता दें कि अखिलेश यादव पर लखनऊ में 4 विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकारी बंगला छोड़ने से पूर्व उसमें तोड़फोड़ करने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने भी सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। अखिलेश यादव ने 3 जून को बंगला खाली कर दिया था और 9 जून को इसकी चाभियां यूपी के राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंप दी थी।












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