राफेल डील पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, पूछा क्या है आपका प्लान?
नई दिल्ली। शुक्रवार को भारत और फ्रांस के बीच राफेल विमान को लेकर सौदे पर दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने हस्ताक्षर किए हैं। इस सौदे पर पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने शनिवार को अपनी राय बताई।

एके एंटनी ने कहा कि यूपीए सरकार के समय में 126 मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट खरीदने का फैसला किया गया था, जिसकी भारतीय वायुसेना को जरूरत थी। सुरक्षा के लिहाज से भारतीय वायुसेना को 126 एयरक्राफ्ट की सख्त जरूरत थी।
By 2022, this strength will be reduced to 25 squadrons. How will the Govt equip the IAF with more aircrafts. What is their plan?: AK Antony pic.twitter.com/f4TeW4HhMd
— ANI (@ANI_news) September 24, 2016
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 36 राफेल फाइटर जेट खरीदने का फैसला किया है, क्या ये काफी है? भारतीय वायु सेना के लिए अभी भी 42 स्क्वाड्रोन की जरूरत है लेकिन सिर्फ 32 स्क्वाड्रोन ही उपलब्ध हैं।
स्क्वाड्रोन की संख्या कम होने के इस मुद्दे पर एंटनी ने कहा कि इस समय परिस्थितियां काफी जटिल हो गई हैं और हमारी वायु सेना को अधिक ताकत की जरूरत है। वे बोले कि 2022 तक हमारी ताकत 22 स्क्वाड्रोन तक कम हो जाएगी। ऐसे में सरकार भारतीय वायु सेना को और अधिक एयरक्राफ्ट कैसे मुहैया कराएगी? आखिर मोदी सरकार का प्लान क्या है?
एंटनी ने कहा कि हमारे समय में 18 विमान खरीदने जाने की बात थी और 8 को भारत में बनाया जाना तय किया गया था। इस तरह ये मेक इन इंडिया के तहत भी होता, लेकिन अब इसमें मेक इन इंडिया कहीं दिख नहीं रहा है।












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