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Ajit Doval Salary: 7 साल PAK में जासूसी, 'ऑपरेशन सिंदूर' को अचूक बनाया-भारत के 'जेम्स बॉन्ड' कितनी सैलरी?

Ajit Doval Net Worth: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत कुमार डोभाल को देश का 'जेम्स बॉन्ड' या 'आधुनिक चाणक्य' कहा जाता है। उन्होंने 7 साल पाकिस्तान में जासूस बनकर बिताए, जहां उन्होंने भिखारी का भेष धारण कर पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम की जासूसी की। 7-10 मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' को लीड करते हुए उन्होंने पाकिस्तान में 9-13 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले करवाए।

लेकिन सवाल है - इतने बड़े जासूसी उस्ताद की सैलरी कितनी है? क्या वे करोड़ों कमाते हैं या सरकारी नियमों के तहत? कारें कौन-कौन सी हैं? किस जाति से हैं? आइए, विस्तार से जानते हैं - डोभाल की जिंदगी, पाकिस्तान मिशन, ऑपरेशन सिंदूर और सैलरी डिटेल्स। यह कहानी एक IPS अधिकारी से NSA बनने की है, जो देश की सुरक्षा की रीढ़ हैं....

Ajit Doval Salary

Who Is Ajit Kumar Doval: अजीत डोभाल कौन हैं? जन्म से NSA तक का सफर

अजीत कुमार डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में हुआ। उनका परिवार सैन्य बैकग्राउंड से था - पिता मेजर गुणानंद डोभाल बंगाल सैपर्स में थे। डोभाल ने अजमेर मिलिट्री स्कूल से पढ़ाई की, फिर आगरा यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में MA किया। 1968 में वे IPS बने (केरल कैडर)।

  • शुरुआती करियर: 1972 में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) जॉइन किया। 1980-90 के दशक में पंजाब, मिजोरम और कश्मीर में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन में सक्रिय।
  • मुख्य उपलब्धियां: ऑपरेशन ब्लैक थंडर (1988) में गोल्डन टेम्पल में जासूस बनकर घुसे। 1999 IC-814 हाईजैक में नेगोशिएटर।
  • NSA बनना: 2014 में PM मोदी ने NSA बनाया। 2024 में तीसरा टर्म शुरू। वे कैबिनेट मंत्री रैंक के हैं।

डोभाल की नेटवर्थ अनुमानित $3 मिलियन (करीब 25 करोड़ रुपये) है, जो सैलरी, निवेश और प्रॉपर्टी से आती है। वे दिल्ली के 5 जनपथ में सरकारी बंगले में रहते हैं, जो पूर्व PM इंदर कुमार गुजराल का था। कोई लग्जरी कारों की जानकारी नहीं - वे सादगी पसंद हैं।

Ajit Doval Pakistan Spying: 7 साल पाकिस्तान में जासूसी- भिखारी बनकर परमाणु रहस्य उजागर

1980 के दशक में डोभाल ने पाकिस्तान में 7 साल अंडरकवर एजेंट बनकर बिताए। उनका मिशन - पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम की जासूसी। पाकिस्तान में भिखारी का भेष धारण किया और इस्लामाबाद के पास कहूता गांव (Kahuta Village Near Islamabad) में खुफिया जानकारी जुटाई। कहूता में खान रिसर्च सेंटर था, जहां परमाणु बम बनाया जा रहा था।

  • चालाकी का किस्सा: एक बार एक पाकिस्तानी बुजुर्ग ने डोभाल को पहचान लिया और कहा, 'तुम हिंदू हो।' डोभाल ने इनकार किया, लेकिन बुजुर्ग ने कहा कि उनके कान छिदे हैं (हिंदू परंपरा)। डोभाल ने उस बुजुर्ग से बात की और आगे जासूसी जारी रखी।
  • परमाणु रहस्य: एक बार नाई की दुकान से वैज्ञानिकों के बाल इकट्ठे किए। टेस्ट में यूरेनियम के ट्रेस मिले, जो पाकिस्तान के परमाणु प्रोग्राम की पुष्टि कर गए। यह मिशन डोभाल की बहादुरी का प्रतीक है। वे कीर्ति चक्र पाने वाले पहले खुफिया अधिकारी हैं।

Operation Sindoor Ajit Doval Role: डोभाल की रणनीति से पाकिस्तान में 9-13 ठिकाने तबाह

2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमलों का नाम था। यह पहलगाम हमले का जवाब था। डोभाल ने NSA के रूप में इसकी रणनीति बनाई। ऑपरेशन दो चरणों में था:

पहला चरण: लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कैंप, ठिकाने और लॉजिस्टिक हब निशाने पर। PoK और पाकिस्तान के पंजाब में 9-13 ठिकाने तबाह।
दूसरा चरण: पाक आर्मी के ड्रोन बेस और फॉरवर्ड पोस्ट, लेकिन पाकिस्तान ने जवाब नहीं दिया, इसलिए नहीं किया।

Ajit Doval Salary: कितनी मिलती है NSA को?

NSA कैबिनेट मंत्री रैंक का पद है। 2025 में डोभाल की सैलरी:

  • बेसिक सैलरी: ₹1,37,500 प्रति माह।
  • अन्य भत्ते: महंगाई भत्ता, मकान किराया, ट्रांसपोर्ट - कुल ₹60,000-70,000।
  • कुल मासिक सैलरी: ₹2,50,000 (Level-18 के अनुसार)।

अतिरिक्त सुविधाएं: Z+ सुरक्षा, सरकारी बंगला (5 जनपथ, दिल्ली), सरकारी वाहन, विदेशी यात्रा भत्ते। डोभाल की नेटवर्थ अनुमानित $3 मिलियन (₹25 करोड़) है, जो सैलरी और निवेश से आती है। वे सादगी से रहते हैं - कोई लग्जरी कार या घर की रिपोर्ट नहीं।

Ajit Doval Wife: कौन हैं अजीत डोभाल की पत्नी?

अजीत डोभाल की शादी अरुणी डोभाल (Aruni Doval) से 1972 में हुई। अरुणी प्राइवेट
लाइफ जीती हैं, कोई पब्लिक रोल नहीं। दो बेटे: शौर्य (राजनीति में) और विवेक (बिजनेस में)। डोभाल गढ़वाली परिवार से हैं, और सैन्य बैकग्राउंड ने उन्हें देशभक्ति सिखाई।

अन्य मिशन: डोभाल की बहादुरी के किस्से

  • IC-814 हाईजैक (1999): नेगोशिएटर बनकर यात्रियों को सुरक्षित निकाला।
  • ऑपरेशन ब्लैक थंडर (1988): गोल्डन टेम्पल में रिक्शा चालक बनकर जासूसी।
  • इराक मिशन (2014): 46 भारतीय नर्सों को ISIS से छुड़ाया।
  • सर्जिकल स्ट्राइक (2016) और बालाकोट एयरस्ट्राइक (2019): रणनीति बनाई।
  • सिक्किम और मिजोरम: उग्रवाद दबाया, सिक्किम को भारत में मिलाया।
  • पंजाब उग्रवाद: लालडेंगा के 7 कमांडो को मनाकर शांति समझौता कराया।

डोभाल कीर्ति चक्र पाने वाले पहले खुफिया अधिकारी हैं।

सैलरी से ज्यादा देश सेवा

अजीत डोभाल की सैलरी ₹2 लाख मासिक है, लेकिन उनका योगदान अनमोल है। 7 साल पाकिस्तान में जासूसी से परमाणु रहस्य उजागर किया, ऑपरेशन सिंदूर से आतंक पर वार किया। वे भारत के 'जासूसी उस्ताद' हैं, जिनकी सादगी और बहादुरी प्रेरणा देती है। डोभाल की कहानी देशभक्ति की मिसाल है।

(नोट: सैलरी सरकारी डेटा के मुताबिक हैं। वनइंडिया इसपर दावा नहीं करता है। जानकारी रिपोर्ट्स पर आधारित।)

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