आखिर क्यों नाराज हैं एनएसए अजित डोवाल
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकर, एनएसए अजित डोवाल इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रियों के ढुलमुल रवैये को लेकर खासे दुखी हैं।इकोनॉमिक टाइम्स में शनिवार को आई एक रिपोर्ट पर अगर यकीन करें तो डोवाल फिलहाल चीन से सटी सीमा पर मोदी के मंत्रियों के लापरवाही भरे बर्ताव से काफी नाराज हैं।
क्या है नाराजगी की वजह
डोवाल का मानना है कि चीन से सटी सीमा पर स्थित इलाकों पर जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चल रहे हैं, वह सिर्फ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स ही नहीं हैं, बल्कि मजबूत रणनीति का एक अहम हिस्सा हैं।
सूत्रों की मानें तो डोवाल इस बात को लेकर खासे नाराज हैं कि इन इलाको में अभी तक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का काम धीमी गति से चल रहा है।
सीमा पर रेल और रोड डेवलपमेंट से जुड़ीपरियोजनाओं के लागू होने का काम काफी धीमा है। इस बात को लेकर डोवाल ने अथॉरिटीज से अपनी अप्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने इसके साथ ही अपील भी की है इन इलाकों में इंफ्रास्ट्रचर प्रोजेक्ट्स में तेजी लाई जाए।
एनआईए और एनएसजी के साथ बराबर संपर्क
नेशनल इनवेस्टिगेटिंग एजेंसी (एनआईए) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी), यह दोनों ही एजेंसियां गृह मंत्रालय को तो रिपोर्ट करती ही हैं, साथ ही वह एनएसए के साथ भी काफी सक्रिय हैं। डोवाल इन दोनों ही एजेंसियों के साथ बराबर संपर्क बनाकर रखते हैं।
डोवाल चीन से सटी सीमा पर बने क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यो से जुड़ी बैठकों में भी हिस्सा लेते रहते हैं। इन बैठकों की अध्यक्षता मोदी के प्रधान सचिव निपेंद्र मिश्रा करते हैं और डोवाल ने इस बात को साफ कर दिया है कि वह इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी इन सभी मीटिंग्स को अटेंड करेंगे।
डोवाल के कायल अधिकारी
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक अक्टूबर 16 और फिर सात नंवबर को ऐसी दो मीटिंग्स हुई हैं। इन मीटिंग्स में रेल मंत्रालय, रोड, रक्षा मंत्रालयों के प्रतिनिधियों के अलावा बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की थी। इस मीटिंग में शिरकत करने वाले एक अधिकारी की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है।
इस अधिकारी के मुताबिक इंटेलीजेंस कम्यूनिटी के सदस्यों, जिसमें डोवाल के आलोचक भी शामिल हैं, अब इस बात को मानने लगे हैं पिछले कुछ वर्षों में डोवाल ने ग्लोबल सिक्योरिटी एनवायरमेंट को लेकर एक पैनी सोच विकसित कर ली है।
दे श के लिए समर्पित डोवाल
एक इंटेलीजेंस अधिकारी के मुताबिक वह देश में अभी तक सर्वश्रेष्ट एनएसए के तौर पर सामने आ रहे हैं जिनके पास सर्वश्रेष्ट इंटेलीजेंस ऑपरेशन की योग्यता है। कोई भी उनकी हिम्मत, उनके अनुशासन और देश के प्रति उनके सर्मपण पर उंगली नहीं उठा सकता है।
आलोचक मानते हैं कि देश की आतंरिक और बाहृय सुरक्षा के लिए डोवाल फिलहाल वन मैन आर्मी की तरह काम कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने भी उन्हें पूरी तरह से समर्थन दे रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि डोवाल का रवैया पाक के लिए अब और ज्यादा आक्रामक होने वाला है।
फिलहाल यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि अब जबकि डोवाल ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है तो क्या चीन सीमा पर कामों में तेजी लाने के कुछ प्रयास होंगे या फिर उनकी इस नाराजगी को गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय नजरअंदाज कर देगा।













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