भारत यूं ही नहीं बता रहा है POK का मौसम, पीएम मोदी के मास्टरमाइंड अजित डोवाल का ये है गेम प्लान

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने एक बार फिर पाकिस्तान को संदेश दिया है कि इमरान सरकार पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) का राग अलापना छोड़ दें क्योंकि वह भारत का अभिन्न अंग है। दरअसल, हाल ही में केंद्र सरकार ने दूरदर्शन को निर्देश दिया है कि वह पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद को भी अपने मौसम की खबरों में शामिल करे। केंद्र सरकार के फैसले ने पाकिस्तान को भारत की बदली रणनीति के अहम संकेत दे दिए हैं। साथ ही भारत ने पीओके पर पाकिस्तान के हितैषी देशों को भी कड़ा संदेश दिया है।

पाकिस्तान को जाएगा भारत का कड़ा संदेश

पाकिस्तान को जाएगा भारत का कड़ा संदेश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया है कि केंद्र सरकार ने यह फैसला कैसे लिया और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल पाकिस्तान को क्या संदेश देना चाहते हैं। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबकि यह आइडिया एनएसए अजीत डोभाल का था जिसे उन्होंने कुछ समय पहले दिया था। औपचारिक प्रस्ताव तीन महीने पहले तैयार किया गया।

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    केंद्र सरकार से मिली मंजूरी

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    इस प्रस्ताव को 3 फरवरी, 2020 को डेप्युटी नेशनल सिक्यॉरिटी अडवाइजर (स्ट्रैटिजिक अफेयर्स) राजिंदर खन्ना के ऑफिस से विदेश और गृह मंत्रालय के सचिवालय, भारत के दो प्रमुख इंटेलिजेंस एजेंसियों इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और रिसर्च ऐंड एनालिसिस विंग (RAW) को भेजा गया। इन सभी संस्थाओं ने पिछले सप्ताह ही इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अधिकारी ने बताया कि इस प्रस्ताव को रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा था कि भारत के इस फैसले से पाकिस्तान को कई संदेश जाएंगे।

    भारत डंके की चोट पर करेगा इस्लामाबाद का पर्दाफाश

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    मामले से जुड़े अधिकारी ने बताया कि यह फैसला पीओके और उत्तरी कश्मीर के क्षेत्रों को लेकर भारत के बदले दृष्टिकोण में एक बदलाव को दर्शाता है। साथ ही यह पाकिस्तान के हितैषी देशों को भी कड़ा संदेश है। भारत ने दुनिया को डंके की चोट पर बताया है कि इस्लामाबाद ने जम्मू-कश्मीर के 86 हजार स्क्वायर किलोमीटर भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। दूरदर्शन से वह वेदर मैप इस्तेमाल करने को कहा गया है कि जिसमें जम्मू-कश्मीर के संपूर्ण क्षेत्र को दर्शाया गया हो।

    पीओके में लोगों के अधिकारों का हनन

    पीओके में लोगों के अधिकारों का हनन

    भारत सरकार ने पीओके में रह रहे लोगों को भी पाकिस्तान की असलीयत दिखाने का फैसला किया है। अधिकारी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के संपूर्ण क्षेत्र को दर्शायाए गए नक्शे से भारत सरकार पीओके की जनता को जागरुक करना चाहती है। दूरदर्शन पर वेदर अपडेट के दौरान भारत का नक्शा पीओके और अन्य क्षेत्रों में रह रहे लोगों की दुर्दशा को दुनिया के सामने लाएगा कि इस्लामाबाद किस तरह उनके अधिकारों का हनन कर रहा है।

    लंदन को भी जाएगा कड़ा संदेश

    लंदन को भी जाएगा कड़ा संदेश

    भारत के इसल फैसले से अंग्रेजों को भी कड़ा संदेश जाने वाला है। ब्रिटेन के राजनीतिक प्रतिष्ठान को भी संदेश पहुंचेगा कि वह किसी का पक्ष ना लें। बता दें कि लंदन में पाकिस्तानी मूल के काफी लोग रहते हैं जो मीरपुर से हैं। पार्टी के नेताओं को पाकिस्तान से कुछ ज्यादा ही हमदर्दी है। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद ब्रिटेन की इसी पार्टी ने अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के लिए प्रस्ताव पेश किया था।

    दूरदर्शन दिखाएगा पीओके का वेदर अपडेट

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    अधिकारी ने बताया कि इससे पाकिस्तान को यह संदेश जाएगा कि 'यह मेरा क्षेत्र है और मैं सभी कदम उठाकर अपनी संप्रभुता का हक जता रहा हूं।' केंद्र ने मामले में दूरदर्शन को इस सप्ताह निर्देश दे दिया है कि वह पीओके के मीरपुर, मुजफ्फराबाद और उत्तरी इलाके गिलगित को भी मौसम की खबरों में शामिल करे। सरकार के फैसले के बाद कुछ समाचार चैनल भी आगे आएं हैं और उन्होंने भी अपने वेदर बुलेटिन में बदलाव करते हुए इन क्षेत्रों को शामिल करने की बात कही है।

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