बड़े पर्दे पर दिखेगी कर्नल बाबू और उनके साथियों के पराक्रम की कहानी, अजय देवगन गलवान झड़प पर बनाएंगे फिल्म

नई दिल्ली: चीन हमेशा से ही LAC के संवेदनशील इलाकों में अपनी नजर गड़ाए रखता है। पिछले दो महीनों में चीनी सैनिकों ने कई बार भारत की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने उसे नाकाम कर दिया। इस बीच 15-16 जून की रात लद्दाख के गलवान घाटी में अपने वतन की हिफाजत करते हुए 20 भारतीय जवान शहीद हो गए। जिसमें कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू भी शामिल थे। इस दौरान भारत के जांबाज सैनिकों ने भी 40 से ज्यादा चीनी सैनिकों को हताहत किया। भारतीय सेना के इन बहादुर जवानों की कहानी अब बड़े पर्दे पर दिखेगी।

फिल्म का नाम अभी तय नहीं

फिल्म का नाम अभी तय नहीं

ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श ने इस फिल्म को लेकर एक ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा कि अब ये आधिकारिक रूप से कंफर्म है कि अजय देवगन गलवान घाटी में हुई झड़प पर फिल्म बनाएंगे। फिलहाल अभी उनकी फिल्म का टाइटल तय नहीं हुआ है। इस फिल्म में भारतीय सेना के 20 शहीदों की वीरता की कहानी दिखाई जाएगी। फिल्म को अजय देवगन एफफिल्म्स और सेलेक्ट मीडिया होल्डिंग्स एलएलपी द्वारा प्रोड्यूस किया जाएगा। वहीं अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि अजय देवगन इस फिल्म में रोल करेंगे या नहीं।

सेना पर कई फिल्में कर चुके हैं अजय देवगन

सेना पर कई फिल्में कर चुके हैं अजय देवगन

1999 में भारत कारगिल युद्ध हुआ था। उस पर जेपी दत्ता ने कारगिल नाम से फिल्म बनाई थी। जिसमें अजय देवगन ने कैप्टन मनोज पांडे का रोल अदा किया था। कैप्टन मनोज पांडे दुश्मनों से लोहा लेते हुए कारगिल में शहीद हो गए थे, जिन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र मिला था। इसके बाद अजय देवगन की फिल्म टैंगो चार्ली आई थी, जिसमें बीएसएफ जवानों के वीरता की कहानी दिखाई गई थी। वहीं कांधार प्लेन हाईजैक पर बनी फिल्म जमीन में भी अजय देवगन मुख्य किरदार में थे।

क्या हुआ था गलवान घाटी में?

क्या हुआ था गलवान घाटी में?

मई के पहले हफ्ते से चीनी सैनिक लद्दाख में LAC के विवादित इलाकों में कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे थे। इस बीच कई बार उनकी भारतीय सेना से झड़प भी हुई। 6 जून को पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों में लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत हुई। उसके बाद चीनी सेना सिर्फ दिखावे भर के लिए पीछे हटी। अगले हफ्ते चीनी फिर से वापस आ गए और भारतीय हिस्से में कैंप खड़ा कर लिया। भारतीय सैनिकों को चीनियों के वापस आने वाली गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं हुई और उन्होंने भारतीय सीमा में बने उनके कैंप उखाड़ फेंके। इस घटना के बाद दोनों ओर के सैनिकों में भिड़ंत हो गई और कई जवान जख्मी हुए। चीनी सेना पहले तो मार खाकर लौट गई लेकिन, 13 जून के आसपास भारी तादाद में वापस लौट आई। इसके बाद 14 जून को भी कुछ पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं।

कर्नल बाबू ने साथियों के साथ दिखाई जांबाजी

कर्नल बाबू ने साथियों के साथ दिखाई जांबाजी

वहीं 15 जून की शाम गलवान नदी के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच फिर से झड़प शुरू हो गई। ये टकराव तेजी से बढ़ने लगा। इस पर बिहार रेजिमेंट के कर्नल संतोष बाबू की अगुवाई में बिना हथियारों वाली एक पेट्रोलिंग टीम चीनी सेना के अफसरों से बात करके मामले को सुलझाने के लिए निकली। चीनी सैनिकों ने बातचीत करने गए भारतीय सेना के प्रतिनिधियों (जिसके सीओ संतोष बाबू थे) पर बड़े-बड़े पत्थरों, कंटीले तारों में लपेटे गए पत्थरों और कीलों से लैस डंडों से हमला बोल दिया। भारत की ओर से भी इस हमले का माकूल जवाब दिया गया। इस हमले में सीओ संतोष बाबू समेत 20 जवान शहीद हुए, जबकि चीन के 40 से ज्यादा सैनिकों को नुकसान पहुंचा। इसके बावजूद अभी तक चीन ने मृतकों की संख्या के बारे में नहीं बताया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+