आज आधिकारिक रूप से भारत सरकार एयर इंडिया को टाटा ग्रुप को सौंप सकती है
नई दिल्ली, 27 जनवरी। भारत सरकार आज आधिकारिक तौर पर एयर इंडिया को टाटा ग्रुप को सौंप सकती है। तकरीबन 69 साल के बाद टाटा ग्रुप में एयर इंडिया की एक बार फिर से वापसी होने जा रही है। नीलामी की प्रक्रिया में पिछले साल 8 अक्टूबर में एयर इंडिया को सर्वाधिक बोली लगाकर टैलेस प्राइवेट लिमिटेड ने अपने नाम किया है। टैलेस प्राइवेट लिमिटेड टाटा ग्रुप की ही कंपनी है, जिसमे टाटा ग्रुप की 18000 करोड़ की होल्डिंग है। इस बीच दो एयरलाइन पायलट यूनियन इंडियन पायलट्स गिल्ड और इंडियन कॉमर्शियल पायलट्स असोसिएशन ने सोमवार को एयर इंडिया के सीएमडी विक्रम देव दत्त को चेतावनी दी है कि वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं क्योंकि पायलट्स की बकाया राशि को लेकर कई कटौतियां और रिकवरी की योजना बनाई जा रही है।

दोनों यूनियन की ओर से कहा गया है कि यह रिकवरी की प्रक्रिया पूरी तरह से गैरकानूनी है, हम मांग करते हैं कइ इस समस्या को दूर किया जाए, और बकाया राशि का तुरंत भुगतान किया जाए। यही नहीं दो अन्य पायलट संगठन ने 20 जनवरी से एयरलाइंस के उस फैसले का भी विरोध किया है जिसमे उड़ान से पहले केबिन क्रू के सदस्यों की ग्रूमिंग, औ बॉडी मास्क इंडेक्स चेक किए जाने को अनिवार्य किया गया है।
बता दें कि एयर इंडियी की बिक्री के ऐलान के तीन दिन बाद पिछले साल 8 अक्टूबर को सरकार की ओर से लेटर ऑफ इंटेट टाटा ग्रुप को दिया गया था, जिसमे कहा गया था कि सरकार 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए तैयार है। 25 अक्टूबर को सरकार ने शेयर पर्चेज अग्रिमेंट को साइन करके इस डील को फाइनल कर दिया था। अधिकारियों का कहना था कि एयरलाइन को 27 जनवरी को आधिकारिक रूप से टाटा ग्रुप को सौंप दिया जाएगा। इस डील के अनुसार टाटा ग्रुप एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया सैट्स के 50 फीसदी शेयर को प्राप्त करेगा। गौर करने वाली बात है कि टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया को 15100 करोड़ रुपए में खरीदा है। इसके साथ ही अब टाटा ग्रुप के पास यह तीसरी एयरलाइंस आ गई है। इससे पहले टाटा एयर एशिया और विस्तारा एयरलाइंस का संचालन सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड के साथ मिलकर कर रहा था।












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