Air India plane crash: प्लेन क्रैश साइट का तापमान 1,000 °C पहुंच गया था, इसी धधकती आग में जलीं 241 ज़िंदगियां
Air India plane crash: "ये ऐसा हादसा था जिसे कोई रोक नहीं सकता था, आग इतनी भयावह थी कि किसी को बचाने का मौका ही नहीं मिला।" अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ये बयान ऐसे ही नहीं दिया। ये ही इस दर्दनाक हादसे की हकीकत है क्योंकि प्लेन क्रैश दुर्घटनास्थल पर तापमान 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार, विमान में मौजूद ईंधन के कारण आग इतनी भीषण थी कि किसी को बचाने का मौका नहीं मिल पाया। वहीं पीटीआई को एक वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि विमान के ईंधन टैंक में विस्फोट के कारण आग का गोला बन गया और घटनास्थल का तापमान तेज़ी से 1,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। प्लेन का मलबा भयकंर आग के कारण तपते लोहे जैसा हो गया था।

तपते मलबे में बचाव कार्य में हुई मुश्किल
एसडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले भी कई संकट भरी स्थितियों का सामना किया है, लेकिन ऐसा भयावह मंजर पहले कभी नहीं देखा। बचाव दल पीपीई किट के साथ पहुंचा था लेकिन प्लेन क्रैश साइट पर अत्यधिक तापमान के कारण बचाव कार्य करना बहुत मुश्किल और जोखिम भरा था।
चारों तरफ मलबा फैला हुआ था, जिसे पहले हटाना पड़ा क्योंकि वह भी आग की वजह से तप रहा था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, "विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन था और उसमें आग लग गई, इसलिए किसी को भी बचाना असंभव था।"
एयर इंडिया प्लेन क्रैश में खत्म हो गई 241 ज़िंदगियां
गौरतलब, एयर इंडिया विमान दुर्घटना में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (AI171), जिसमें 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य सवार थे, गुरुवार दोपहर को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद एक मेडिकल कॉलेज के परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में एक यात्री को छोड़कर बाकी 341 यात्रियों की मौत हो चुकी है। उनके शवों जलकर ऐसी हालत हो गई है कि पहचान पाना मुश्किल हो गया है। इसीलिए डीएनए जांच करवाने का फैसला लिया है। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।












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