Agusta Westland: CBI ने पूर्व CAG शशिकांत शर्मा पर मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी
नई दिल्ली- सीबीआई ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में पूर्व रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा और भारतीय वायुसेना के कुछ अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत मांगी हैं। शशिकांत शर्मा बाद में सीएजी भी बना दिए गए थे। यह मामला 3,600 करोड़ रुपये की वीवीआईपी अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद में हुए कथित घोटाले से संबंधित है। अधिकारियों के मुताबिक एजेंसी इसमें एक सप्लिमेंटरी चार्जशीट दायर कर सकती है, जिसमें इस घोटाले के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल की भूमिका बताई जाएगी। गौरतलब है कि मिशेल को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया था और अभी वह न्यायिक हिरासत में है।

अधिकारियों के मुताबिक पूरक चार्जशीट में सीबीआई कुछ पूर्व अधिकारियों की जो इस डील से जुड़ी चर्चा के वक्त महत्वपूर्ण पदों पर थे, उनकी भूमिका भी बताई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका पता चली है, उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीबीआई ने रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मांगी है, जिसमें शर्मा के साथ-साथ तत्कालीन एयर वाइस मार्शल जसबीर सिंह पानेसर और दूसरे लोग भी शामिल हैं। शशिकांत शर्मा सीएजी नियुक्त होने से पहले 2011 से 2013 के बीच रक्षा सचिव थे। सीबीआई ने एयरफोर्स के तीन पूर्व अधिकारियों डिप्टी चीफ टेस्ट पायलट एसए कुंटे, विंग कमांडर थॉमस मैथ्यू और ग्रुप कैप्टन एन संतोष के खिलाफ भी चार्जशीट दायर करने की अनुमति मांगी है। इनमें कुंटे और संतोष एयर कमोडोर के तौर पर रिटायर हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि इनके लिए अनुमति मार्च से ही लंबित पड़ी है।
आरोपों के मुताबिक 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद के लिए अगस्ता वेस्टलैंड को पात्र बनाने के लिए रिश्वत ली गई थी। सीबीआई के मुताबिक अगस्ता वेस्ट लैंड के हेलीकॉप्टर वायुसेना के 6,000 मीटर के पैरामीटर पर खरे नहीं उतरे तो जब एसपी त्यागी वायुसेना प्रमुख बने तो उन्होंने उसकी ऑपरेशनल सीलिंग 4,500 मीटर करने की सिफारिश करके उसे डील की रेस में ला दिया था। हालांकि, वायुसेना ने शुरू में इसका सख्त विरोध किया था। सीबीआई का आरोप है कि इसमें बिचौलियों के जरिए त्यागी और उनके भाई राजीव, संदीप और जूली को रिश्वत मिले। एजेंसी के मुताबिक मिशेल की कंपनी को डील की एवज में 42.27 मिलियन यूरो मिले जो कंपनी के मिलने वाले 3,600 करोड़ के ठेके का करीब 7 फीसदी है।












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