Agriculture Bills: संजय राउत ने पूछा सरकार से सवाल-क्या बिल के बाद किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी?

नई दिल्ली। मानसून सत्र के 7वें दिन कृषि क्षेत्र से जुड़े तीन विधेयक को राज्यसभा में पेश किया गया है, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि से जुड़े तीन विधेयकों को राज्यसभा में पेश करते हुए इसे किसानों के लिए वरदान बताया तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस समेत सभी विरोधी दल इस बिल का विरोध कर रहे हैं, इस बिल पर सवाल उठाते हुए शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा कि हमारे देश में 70 फीसदी लोग खेती से जुड़े हैं, पूरे लॉकडाउन में किसान ही काम रहे थे।

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    राउत का सवाल-क्या बिल के बाद किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी?

    सरकार क्या भरोसा दे सकती है कि बिल के पास होने के बाद किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी और आगे देश में कोई भी किसान आत्महत्या नहीं करेगा, उन्होंने कहा कि अगर यह बिल किसान विरोधी है तो पूरे देश में विरोध क्यों नहीं हो रहा है? और अगर पूरे देश में विरोध नहीं हो रहा है तो इसका मतलब है कि बिल को लेकर भ्रम, कुछ कन्फ्यूजन भी है इसलिए सरकार को इसे दूर करना चाहिए. संजय राउत ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने बताया था कि बिल को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है, ऐसे में मैं पूछना चाहता हूं कि क्या अफवाह पर ही एक मंत्री ने इस्तीफा दे दिया।

    'किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है ये बिल'

    मालूम हो कि कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 राज्यसभा में पेश करते वक्त कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ये बिल किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले हैं, किसानों को अपनी फसल किसी भी स्थान से किसी भी स्थान पर मनचाही कीमत पर बेचने की स्वतंत्रता होगी, कोई भी मनमानी नहीं कर सकेगा, उन्होंने कहा कि बिलों के बारे में कई तरह की धारणाएं बनाई गई हैं, यह बिल एमएसपी से संबंधित नहीं है। प्रधानमंत्री ने भी ने कहा है कि एमएसपी जारी है और आगे भी जारी रहेगी।

    कांग्रेस ने कहा ये तो किसानों का 'डेथ वारंट' है

    कांग्रेस के सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस बिल का विरोध करती है, पंजाब और हरियाणा के किसानों का मानना ​​है कि ये बिल उनकी आत्मा पर हमला है, इन विधेयकों पर सहमति किसानों के डेथ वारंट पर हस्ताक्षर करने जैसा है।

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