डैडी शिखर कृषि वैज्ञानिक, बेटी मेडिसन क्षेत्र में नंबर वन
नई दिल्ली(ब्यूरो) ये कम ही देखने में आता है कि पिता-पुत्री दो अलग-अलग क्षेत्रों में शिखर पर हों। जहां कृषि वैज्ञानिक डा. एम.एस.स्वामीनाथन भारत में हरित क्रांति के जनक रहे हैं, वहीं उनकी पुत्री डा. सौम्या स्वामीनाथन ने मेडिसन की दुनिया में शिखर को छू लिया है। उन्हें सरकार ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) का प्रमुख बनाया है। ये बेहद अहम पद है।

हरित क्रांति के जनक
आपको पता है कि डा. स्वामीनाथन ने मैक्सिको के बीजों को पंजाब की घरेलू किस्मों के साथ मिश्रित करके उच्च उत्पादकता वाले गेहूँ के संकर बीज विकसित किए थे।
पूसा में थे
उसी के चलते भारत में हरित क्रांति क्रांति का सपना साकार हुआ था। देश अपनी जनता के लिए पर्याप्त मात्रा में अन्न पैदा करने लगा था। वे तब पूसा इंस्टीच्यूट में काम करते थे।
पुणे से एम्स
उनकी पुत्री सौम्या ने एमबीबीएस की डिग्री पुणे के आर्म्ड फोर्स मेडिकल कालेज से ली थी। उन्होंने एमडी दिल्ली के एम्स से की। संयोग देखिए कि जब डा. स्वामीनाथन पिछले दिनों अपना 90 जन्म दिन मना रहे थे, तब ही डा. सौम्या को सरकार ने उक्त पद के लिए चुना।
बता दें कि हरितक्रांति के बाद भारत दुनिया में अन्न का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला देश बना। उधर, डा. सौम्या पहले नेशनल इंस्टीच्यूट फाऱ रिसर्च से भी जुड़ी रही हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में पेपर भी पढ़े हैं।












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