'पूरा देश डरा हुआ है.....': सनातन धर्म पर बयान के बाद उदयनिधि स्टालिन को पहली बार DMK नेता ने चेताया!
तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके के कोषाध्यक्ष और सांसद टीआर बालू ने प्रदेश के मंत्री उदयनिधि स्टालिन को सलाह दी है कि वे अपने राजनीतिक करियर को लेकर सचेत हो जाएं। पूर्व केंद्रीय मंत्री बालू की ओर से उन्हें उस समय सावधान किया गया है, जब सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की वजह से वे पूरे देश में विवादों के घेरे में हैं।
'सोच रहा है कि वे आगे क्या करेंगे..... '
वेल्लोर में एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में सोमवार को बालू ने कहा, 'डीएमके युवा मोर्चे के प्रमुख से पूरा देश डरा हुआ है, सोच रहा है कि वे आगे क्या करेंगे..... '। गौरतलब है कि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से करते हुए इसे मिटा देने का आह्वान किया है।

मैं उन्हें सावधान करता हूं-टीआर बालू
बालू ने कहा है कि उदयनिधि सिर्फ अपने पिता (तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन) से डरते हैं। उन्होंने कहा, 'यह सोचकर वे कुछ भी बोल रहे हैं कि वे उसे बाद में मैनेज कर सकते हैं। लेकिन, मैं उन्हें ये याद रखने के लिए सावधान करता हूं कि वे ये सुनिश्चित करें कि उन्होंने अपने हाथों में जो जिम्मेदारी ली हुई है, वह गिरकर टूटना नहीं चाहिए।'
हालांकि, बालू ने यह भी दावा किया कि शुरू में उदयनिधि के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया, जिसको लेकर शुरू में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उनके मुताबिक वे तभी शांत हुए, जब कथित तौर पर उन्हें 'सटीक' मीडिया रिपोर्ट दिखाई गई।
बयानों में सावधान रहने की भी दी चेतावनी
उन्होंने उदयनिधि को अपने बयानों में सावधान रहने की भी चेतावनी दी, क्योंकि उनके मुताबिक उसे ईर्ष्या की वजह से तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। इस समय डीएमके कार्यकर्ता कलैग्नार करुणानिधि, पेरारिग्नार अन्ना और पेरियार जैसे नेताओं की जयंती के सिलसिले में कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
स्टालिन ने सनातन धर्म को मिटाने का किया था आह्वान
इस महीने के शुरू में तमिलनाडु के मंत्री और राज्य के सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की ही थी और इसे मिटाने का भी आह्वान किया था। डीएमके नेता की दलील थी कि सनातन धर्म जाति व्यवस्था और भेदभाव पर आधारित है।
स्टालिन ने सनातन के खिलाफ आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था, 'सनातन का विरोध करने के बजाए इसे मिटा देना चाहिए। सनातन नाम संस्कृत से आया है। यह सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है।' हद तो ये हो गई कि उन्होंने सोशल मीडिया पर मच्छर अगरबत्ती की भी तस्वीर पोस्ट कर दी, जिससे इस विवाद ने और तूल पकड़ लिया।
पूरे देश में उनके बयान पर विवाद मचने के बावजूद वे अपने बयान पर कायम रहे। उन्होंने सिर्फ यह सफाई दी कि उनके बयान को जनसंहार से गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है।












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