फिर घिरे सिद्धू, अब विंग कमांडर अभिनंदन को लेकर दिया बयान

पुलवामा हमले के बाद बयान देकर घिरे नवजोत सिंह सिद्धू ने अब विंग कमांडर अभिनंदन को लेकर बयान दिया है।

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    Navjot Singh Sidhu ने उठाए Air Strike पर सवाल, और कह दी ऐसी बात | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद बयान देकर घिरे कांग्रेस नेता और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के साथ विवादों का नाता खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अपने बयान के बाद सोशल मीडिया और विरोधियों के निशाने पर आए सिद्धू ने अब एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसपर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल रविवार को नवजोत सिंह सिदधू पंजाब के अमृतसर में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। यहां सिद्धू ने पाकिस्तान की गिरफ्त से छूटकर आए विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसे लेकर सिद्धू एक बार फिर विरोधियों के निशाने पर आ गए।

    जानिए सिद्धू ने क्या कहा?

    जानिए सिद्धू ने क्या कहा?

    नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को अमृतसर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, 'अगर भारत और पाकिस्तान के बीच शांति बहाल नहीं होती तो अभिनंदन जैसी घटनाएं फिर से सामने आएंगी। हम चाहते हैं भारत मां का कोई भी बेटा अपनों से ना बिछड़े। दोनों देशों के बीच आज जो तनाव का माहौल चल रहा है, अगर वो इसी तरह जारी रहा तो विंग कमांडर अभिनंदन जैसी घटनाए फिर से सामने आ सकती हैं। अगर ये तनाव जारी रहा तो दोनों देश उस रास्ते पर आगे बढ़ जाएंगे, जहां से पीछे लौटना फिर मुश्किल हो जाएगा। मैं आज भी अपनी उस बात पर कायम हूं, कि कुछ लोगों की कायराना हरकत के लिए पूरे देश या उसकी जनता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।' अपने बयान को लेकर सिद्धू एक बार फिर विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं।

    अभिनंदन की रिहाई पर जारी किया ये बयान

    अभिनंदन की रिहाई पर जारी किया ये बयान

    आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को रिहा करने के पाकिस्तान के ऐलान के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने फिर से पाकिस्तान के साथ बातचीत के जरिए मसला सुलझाने पर जोर दिया था। 'हमारे पास एक विकल्प है' शीर्षक से जारी किए गए अपने दो पन्नों के बयान में नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, 'मैं अपने इस विश्वास के साथ दृढ़ता से खड़ा हूं कि सीमा के भीतर और बाहर चलने वाले आतंकी संगठनों की उपस्थिति और गतिविधियों का दीर्घकालिक समाधान खोजने में बातचीत और कूटनीतिक दबाव एक अहम भूमिका निभा सकते हैं। आतंक का समाधान शांति, विकास और प्रगति है ना कि बेरोजगारी, नफरत और डर।'

    आघात पहुंचाने की तैयारी में दोनों रणनीतिकार

    आघात पहुंचाने की तैयारी में दोनों रणनीतिकार

    नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, 'आज सीमा के दोनों तरफ रणनीतिकार एक दूसरे को आघात पहुंचाने की तैयारी में हैं। उन्हें लगता है कि एक दूसरे को हानि पहुंचाकर वे खुद को सुरक्षित रख सकते हैं, लेकिन यह मृग तृष्णा जैसा है। पिछले कुछ सालों में एक अनचाहा डर हमारे बीच पैर जमा रहा है। ये डर है आतंक का, मौत का, असुरक्षा का, एक अनचाहे असुरक्षा के भाव का। देश में कुछ लोगों के लिए अब डरने की कोई वजह नहीं बची है, क्योंकि उनका डर अब हकीकत का रूप ले चुका है। शहीदों के परिवारों के चेहरे पर भी मैंने उस डर को देखा और महसूस किया है। डर सिर्फ डर को ही जन्म देता है। आज देश में हर जगह डर का माहौल है। दूसरों को हानि पहुंचाने की बात सोचना आसान है, लेकिन यह सोच हमें सुरक्षित नहीं कर सकती।'

    मेरी सच्ची देशभक्ति की पहचान मेरा साहस

    मेरी सच्ची देशभक्ति की पहचान मेरा साहस

    सिद्धू ने आगे कहा, 'मैं एक स्वतंत्रता सेनानी का बेटा हूं, जो अपने देश के साथ खड़ा है। मेरी सच्ची देशभक्ति की पहचान मेरा साहस है, जो इस डर के खिलाफ सीना ताने खड़ा है। वो डर जिसकी वजह से आज कई लोग चुप्पी साधे हैं। मैं अपने सिद्धांतों पर पूर्णत: कायम हूं कि कुछ लोगों के गलत कार्यों की वजह से पूरे समुदाय को गलत ठहरा देना सही नहीं है। हाल ही में हमारे प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि हमारी लड़ाई आतंकवाद और मानवता के दुश्मनों के खिलाफ है। हमारी लड़ाई कश्मीर के लिए है, नाकि कश्मीरियों के खिलाफ। विदेश मंत्री का भी कहना था कि हमारी लड़ाई पाकिस्तान के खिलाफ नहीं है, हमारी लड़ाई आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वाली सोच से है।'

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