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सरकारी कर्मचारियों के बाद किसानों के लिए खुशखबरी, जानिए क्या है मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला

कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि 2025-26 सत्र के लिए जूट का नया एमएसपी 5650 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह वृद्धि पिछले वर्ष के मुकाबले 315 रुपए अधिक है। जो किसानों को उनकी लागत से 67 प्रतिशत अधिक लाभ सुनिश्चित करती है।

एमएसपी बढ़ोतरी का महत्व

कच्चे जूट के एमएसपी में 6 प्रतिशत की वृद्धि केवल एक संख्या नहीं है। बल्कि यह किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और कृषि क्षेत्र को स्थिरता देने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह निर्णय किसानों को उनके उत्पादों की न्यूनतम कीमत सुनिश्चित करता है। जिससे वे बेहतर आय अर्जित कर सकें और खेती को लाभदायक बना सकें।

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एमएसपी का यह कदम सरकार की उस नीति का हिस्सा है। जो यह सुनिश्चित करती है कि किसानों को उनके उत्पादन की लागत का डेढ़ गुना मुआवजा मिले। यह व्यवस्था खेती के प्रति किसानों के विश्वास को मजबूत करती है और स्थायी कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करती है।

मोदी कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले

कच्चे जूट के एमएसपी में वृद्धि के साथ-साथ मोदी सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को भी 2025-26 तक बढ़ाने की घोषणा की है। इस मिशन के तहत 1.72 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्रों की स्थापना और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत 4.5 लाख से अधिक लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गई हैं। केंद्र सरकार यह कदम स्वास्थ्य सेवा को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

आठवें वेतन आयोग का ऐलान

हाल ही में मोदी सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की। जिससे 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की जनहितैषी नीतियों का प्रमाण है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें जो 2016 में लागू हुई थी। अब 2026 में समाप्त होंगी। जिससे आठवें वेतन आयोग का मार्ग प्रशस्त होगा।

जूट उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

कच्चे जूट के एमएसपी में वृद्धि से न केवल किसानों को लाभ होगा। बल्कि यह निर्णय जूट उद्योग को भी प्रोत्साहन देगा। जूट का उपयोग मुख्य रूप से पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। जिससे इस क्षेत्र को अधिक विकास के अवसर मिलेंगे।

राष्ट्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए ये फैसले देश की समग्र विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। सरकार का यह दृष्टिकोण किसानों, कर्मचारियों और आम जनता के कल्याण को प्राथमिकता देने का प्रतिबिंब है।

कच्चे जूट के एमएसपी में वृद्धि और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विस्तार जैसे निर्णय देश के कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार के लिए मोदी सरकार की बहुआयामी नजरिए को दर्शाते हैं। ये नीतियां किसानों की आय बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की भलाई के लिए भी समर्पित हैं।

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