चार राज्यों में हार के बाद अब बीजेपी को आरक्षण याद आया: उमर अब्दुल्ला
श्रीनगर। आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव संसद में पेश कर मोदी सरकार कानून लाने जा रही है और इस बीच अलग-अलग पॉलिटिकल पार्टियों के बयान भी आना शुरू हो गये हैं। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मोदी सरकार के इस प्रस्ताव की आलोचना की है। अब्दुल्ला ने कहा कि साढ़े चार साल में अब जाकर सरकार को सवर्णों की याद आयी हैं।

अब्दु्ल्ला ने कहा, 'सिर्फ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में हार के बाद अब उन्हें (बीजेपी) साढ़ें चार साल बाद आरक्षण देने की बात याद आयी है। दरअसल आरक्षण देना का उनका मन ही नहीं है। अगर संसद मे प्रस्ताव पास ही नहीं हुआ तो वे कहेंगे कि देखो हमने तो कोशिश की थी लेकिन संसद में पास नहीं हो पाया।'
बता दें कि इससे पहले सोमवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सवर्ण जातियों को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने के फैसले पर कांग्रेस ने कहा था कि जब नौकरियां ही नहीं है तो इस फैसले को जुमले के सिवा और क्या कहा जा सकता है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कैबिनेट के फैसले पर कहा कि बीते साल ही करोड़ों लोगों की नौकरियां चली गईं, उससे पहले नोटबंदी से जॉब गईं। ऐसे में आरक्षण से क्या फायदा होगा।












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