कोरोना के बाद लोगों ने नमकीन से मुंह फेरा! अब इस कंपनी ने किया बड़ा प्रयोग, 1500 करोड़ का टारगेट
नई दिल्ली, 3 अगस्त: कोरोना महामारी ने लोगों के खाने-पीने की आदतों को बहुत प्रभावित किया है। अच्छी बात है कि काफी लोग अब अपनी सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हुए हैं। यही वजह है कि अब लोगों ने ज्यादा नमक और ऑयली होने की वजह से स्नैक्स में नमकीन खाना भी कम कर दिया है। यह बात खुद नमकीन बनाने वाली नामचीन कंपनियां भी मान रही हैं। हालांकि, कंपनियोौं का तो धंधा है, इसलिए उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजग लोगों के लिए कुछ नई तरकीब निकाली है।

'कोविड के बाद नमकीन का इस्तेमाल हुआ कम'
स्नैक्स एंड पैकेज्ड फूड के जानकारों के मुताबिक कोरोना का बुरा दौर देखने के बाद लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं, इसलिए नमकीन जैसे रेडिमेड स्नैक्स का उपयोग कम करने लगे हैं। बिजनेस की बदली परिस्थितियों के मुताबिक स्नैक्स एंड पैकेज्ड फूड कंपनी बिकानो ने अब हेल्दी नमकीन उत्पादन पर फोकस करना शुरू कर दिया है। बिकानो के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर पंकज अग्रवाल ने दि न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि 'कोविड के बाद 20 से 35 आयु वर्ग के लोग स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा जागरूक हो गए हैं। वे नमकीन का इस्तेमाल कम करने लगे हैं और महामारी के बाद फूड सेफ्टी को लेकर उनकी चिंताएं बढ़ने लगी हैं और हम अपने उपभोक्ताओं को सेफ और हेल्दी फूड उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रहे हैं।'

कंपनी ने किया हेल्दी स्नैक्स पर फोकस
सेहत को लेकर ज्यादा सजग हुए लोगों को ध्यान में रखकर कंपनी ने जो अपनी रणनीति बदली है, उसके तहत अग्रवाल ने बताया कि 'हम रोस्टेड या डाइट नमकीन जैसे हेल्दी प्रोडक्ट पर फोकस कर रहे हैं....हम मक्के और बाजरा आधारित उत्पादों के साथ भी उतर रहे हैं।' कंपनी बच्चों के लिए भी हेल्दी स्नैक्स लाने का दावा कर रही है। कंपनी जहां लोगों के स्वास्थ्य का हवाला दे रही है, वहीं अपनी बदली रणनीति की बदौलत कारोबार में बड़ा इजाफा करने की मंशा से भी काम कर रही है।

कंपनी ने 1,500 करोड़ रुपये किया टर्नओवर का टारगेट
इस समय बिकानो का सालाना टर्नओवर 1,250 करोड़ रुपये का है। लेकिन, कंपनी साल के अंत आते-आते इसे 1,500 करोड़ रुपये तक ले जाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनी की औसतन चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) 18% की है। अग्रवाल का कहना है कि अभी सभी श्रेणियों में बिकानो का मार्केट शेयर 8% है, जिसे कंपनी हर साल 2% बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

हर साल राजस्व में डबल बढ़ोतरी का अनुमान
स्नैक्स एंड पैकेज्ड फूड का बाजार कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसी से लगता है कि सिर्फ बिकानो जैसी एक कंपनी हर साल अपने राजस्व में दुगनी वृद्धि का अनुमान लेकर चल रही है। अभी इसका मूल कारोबारा उत्तर भारत में है, लेकिन यह अगले दो साल में दक्षिण और पश्चिम के बाजारों में अपना पैर जमाना चाहती है। उसके बाद कंपनी की योजना पूर्वी भारत में अपने कारोबार के विस्तार की है।

पैकेज्ड फूड की डिमांड बढ़ी है- रिपोर्ट
इस समय कंपनी का 60 से 65 फीसदी राजस्व उत्तरी भारत से आता है। कंपनी नमकीन के साथ-साथ स्वीट्स भी बेचती है। दक्षिण में बिकानो ने अब हैदाराबाद में प्रोडक्शन फैसिलिटी स्थापित किया है, जहां से सिर्फ चार महीने में 30 करोड़ रुपये का राजस्व आने की जानकारी है। ब्रोकरेज कंपनी आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा है कि स्नैक्स कैटेगरी में लोगों की पसंद असंगठित क्षेत्र से संगठित क्षेत्र की ओर बदलने लगा है। बदलते सोशल ट्रेंड, बेहतर होती सुविधाओं और लाइफ-स्टाइल की तेजी ने पैकेज्ड फूड की ओर लोगों को आकर्षित किया है। (कुछ तस्वीरें-सांकेतिक)












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