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11 साल बाद 2020 में सबसे कम बढ़ेगी सैलरी, जानिए आपके सेक्टर के लिए क्या है प्रोजेक्शन- सर्वे

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नई दिल्ली- पिछले साल अर्थव्यस्था की रफ्तार धीमी रही। लगता है कि इसका असर मौजूदा साल में आपकी सालाना सैलरी इजाफे पर भी पड़ सकता है। 2020 में भारतीय कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि को लेकर एक सर्वे किया गया है, उसके मुताबिक दावा किया गया है कि इस साल ज्यादा वेतन बढ़ने की उम्मीद पालकर बैठेंगे तो झटका भी लग सकता है। क्योंकि, सर्वे का दावा है कि एक दशक से भी ज्यादा वक्त ऐसा हो रहा है कि औसत सैलरी वृद्धि कम रहने वाली हैं। हालांकि, राहत की बात ये है कि एशिया-पेसिफिक देशों में फिर भी भारतीय कंपनियों के बाकी देशों से काफी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है और सैलरी बढ़ोत्तरी में भी यह चीन समेत क्षेत्र के दूसरे देशों से अव्वल रहने वाला है।

11 साल बाद 2020 में सबसे कम बढ़ेगी सैलरी-सर्वे

11 साल बाद 2020 में सबसे कम बढ़ेगी सैलरी-सर्वे

भारत में कर्मचारियों का सैलरी में औसतन वार्षिक इजाफा इस साल महज 9.1 फीसदी रहने के आसार हैं। बता दें के सैलरी में इजाफे का यह औसत अनुमान पिछले 11 साल में सबसे कम है। ये दावा एऑन सैलरी इंक्रीज सर्वे 2020 (Aon Salary Increase Survey 2020) ने किया है। एऑन ने अपने 24वें एडिशन में भारतीय कर्मचारियों के लिए इस तरह का अनुमान जताया है। बता दें कि 2009 में भारतीय कर्मचारियों की वार्षिक ऑसत वेतन वृद्धि सिर्फ 6.6 फीसदी रही थी। जबकि, इस सर्वे के मुताबिक भारत में पिछले साल औसत वेतन वृद्धि 9.3 फीसदी दर्ज की गई थी।

7 सेक्टर में औसत से ज्यादा सैलरी बढ़ेगी

7 सेक्टर में औसत से ज्यादा सैलरी बढ़ेगी

इस सर्वे में कुल 7 सेक्टर में औसत से ज्यादा सैलरी बढ़ने की उम्मीद जताई गई है, जिनमें से दो में तो अर्थव्यवस्था में सकारात्मक भरोसे का इजहार करते हुए दहाई अंकों में सैलरी इजाफे का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, 20 से ज्यादा उद्योगों की 1,000 से ज्यादा कंपनियों के विश्लेषण में ज्यादातर सेक्टर में यह इजाफा औसत से भी कम दिखाया गया है। सर्वे में 500 से ज्यादा मैन्युफक्चरिंग और 500 से ज्यादा सर्विस सेक्टर की कंपनियों को शामिल किया गया है।

इन कंपनियों के कर्मचारी फायदे में रह सकते हैं

इन कंपनियों के कर्मचारी फायदे में रह सकते हैं

ई-कॉमर्स और प्रोफेशनल सर्विसेज की कंपनियों में 10-10 फीसदी औसत सैलरी बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। जबकि, फार्माक्युटिकल/मेडिकल डिवाइसेज की कंपनियों में 9.9, हाईटेक/आईटी की कंपनियों में 9.6, आईटीज (ITeS) में 9.5, एफएमसीजी/ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और केमिकल्स में 9.3 प्रतिशत की वृद्ध का अनुमान है। जबकि,इंजीनियरिंग/मैन्युफैक्चिरिंग की कंपनियों में औसत सैलरी बढ़ोत्तरी 9.1 फीसदी रहने की बात कही गई है। ये सारा इजाफा 9.1 के औसत अनुमान से ज्यादा है।

इन कर्मचारियों को लग सकता है झटका

इन कर्मचारियों को लग सकता है झटका

अगर 9.1 फीसदी की औसत से भी कम सैलरी इजाफे के अनुमान वाली कंपनियों की बात करें तो इसमें करीब 12 तरह की कंपनियां शामिल हैं। इसमें सीमेंट (8.1),एनर्जी (8.8), इंजीनियरिंग सर्विसेज और मेटल्स में (8.8), रिटेल (8.6), मीडिया एंड एंटरटेंमेंट (8.6), फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स, टेलीकॉम सर्विसेज (8.5), ऑटोमोबाइल (8.3), रीयल एस्टेट/ इंफ्रा (8.2) और ट्रांस्पोर्टेशन/लॉजिस्टिक में 7.6 फीसदी सैलरी इजाफे का अनुमान जताया गया है।

भारत की स्थिति फिर भी बेहतर

भारत की स्थिति फिर भी बेहतर

हालांकि, यह सर्वे इस मायने में बेहतर भी है कि एशिया-पेसिफिक क्षेत्र में भारत चीन, फिलीपींस, मलेशिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और यहां तक कि जापान से भी आगे है। यानि, पिछले साल आर्थिक दबावों के बावजूद भारत में कंपनियों ने हालात को सकारात्मक तरीके से लिया है और सारी चुनौतियों के बावजूद क्षेत्र के दूसरे देशों से सैलरी बढ़ाने के मामले में आगे रहने की उम्मीद है। हालांकि, ये सारा अनुमान भर है और कंपनियां अपने कर्मचारियों को इसी आधार पर वेतन बढ़ाएंगी यह दावे के साथ नहीं कहा जा सकता, बल्कि परिणाम अनुमान से कहीं ज्यादा बेहतर भी हो सकते हैं।

(तस्वीर प्रतीकात्मक)

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English summary
After 11 years, this year will be the lowest salary hike- survey
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