शाहीन बाग में चलता रहे लंगर, इसलिए इस शख्स ने बेच दिया अपना फ्लैट

एडवोकेट डीएस बिंद्रा, जिन्होंने लंगर में खाने का इंतजाम करने के लिए अपना एक फ्लैट तक बेच दिया।

नई दिल्ली। पिछले करीब 2 महीने से दिल्ली का शाहीन बाग इलाका नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बड़े स्तर पर चल रहे प्रदर्शन का गवाह बना हुआ है। इन दो महीनों में साउथ दिल्ली का ये इलाका कभी ट्रैफिक जाम तो कभी बिरयारी को लेकर मीडिया की सुर्खियों में रहा है। यही नहीं, दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी शाहीन बाग का मुद्दा काफी गरमाया और नेताओं के बीच जमकर बयानबाजी हुई। दिसंबर से चल रहे शाहीन बाग के इस विरोध प्रदर्शन में अगर कुछ नहीं बदला तो वो है, वहां धरने पर बैठे लोगों के लिए चल रहा लंगर। एक समुदाय के लोग यहां धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों के लिए हर रोज खाने का इंतजाम करते हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं एडवोकेट डीएस बिंद्रा, जिन्होंने लंगर में खाने का इंतजाम करने के लिए अपना एक फ्लैट तक बेच दिया।

तीन फ्लैट्स में से बेच दिया एक फ्लैट

तीन फ्लैट्स में से बेच दिया एक फ्लैट

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के लिए लंगर चलाने वाले एडवोकेट डीएस बिंद्रा का कहना है कि उनकी कोशिश है कि यहां धरने पर बैठे लोगों के लिए खाने की व्यवस्था बनी रहे। एडवोकेट डीएस बिंद्रा उस वक्त सुर्खियों में आए, जब उन्होंने शाहीन बाग में लंगर की व्यवस्था के लिए अपना एक फ्लैट बेचने का फैसला लिया। डीएस बिंद्रा ने बताया, 'मैं यहां लोगों की सेवा के लिए लंगर शुरू किया था। इसके लिए जब मुझे रुपयों की जरूरत पड़ी तो मैंने अपने तीन फ्लैट्स में से एक फ्लैट बेचने का फैसला लिया। मेरे बच्चों ने मुझे सुझाव दिया कि गुरुद्वारों में दान देने के साथ-साथ मैं ऐसे कामों के लिए भी आगे आऊं।'

मुस्तफाबाद और खुरेजी में भी चलाए लंगर

मुस्तफाबाद और खुरेजी में भी चलाए लंगर

डीएस बिंद्रा ने आगे कहा, 'हालांकि आयकर विभाग इस बात से हैरान है कि मैं लंगर के लिए पैसों का इंतजाम कैसे कर रहा हूं, लेकिन मेरे पास पेपर्स हैं, जिनमें फ्लैट को बेचने की तारीख और फ्लैट की कीमत लिखी हुई है।' हालांकि शाहीन बाग अकेली जगह नहीं है, जहां एडवोकेट डीएस बिंद्रा ने लंगर की व्यवस्था की है। शाहीन बाग के अलावा डीएस बिंद्रा ने दिल्ली के मुस्तफाबाद और खुरेजी में भी लंगर की व्यवस्था की थी। डीएस बिंद्रा ने बताया कि इन दोनों जगहों पर उन्होंने करीब पांच दिन तक लंगर का खर्च उठाया।

'मैं किसी पार्टी का समर्थक नहीं'

'मैं किसी पार्टी का समर्थक नहीं'

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि डीएस बिंदा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का समर्थन कर रहे हैं। इसपर जवाब देते हुए डीएस बिंद्रा ने कहा, 'मैं किसी पार्टी का समर्थक नहीं हूं। मैं शाहीन बाग में लोगों की सेवा करने के लिए आया हूं, नाकि किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन करने।' डीएस बिंद्रा के इस कदम को लेकर लोग सोशल मीडिया पर भी उनकी काफी तारीफ कर रहे हैं। पेशे से वकील डीएस बिंद्रा की एक बेटी और एक बेटा है। गौरतलब है कि डीएस बिंद्रा के अलावा पंजाब से आए कई लोगों ने भी शाहीन बाग में लंगर लगाया हुआ है।

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