तीन तलाक पर पर्सनल लॉ बोर्ड बैकफुट पर! SC में दाखिल किया हलफनामा
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल किया है, जिससे माना जा रहा है कि बोर्ड बैकफुट पर आ गया है।
नई दिल्ली। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने तीन तलाक के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में एक नया हलफनामा दाखिल किया है। माना जा रहा है कि यह हलफनामा AIMPLB की ओर से डैमेज कंट्रोल के लिए दाखिल किया गया है। बोर्ड के अनुसार वो अपनी वेबसाइट, विभिन्न प्रकाशनों और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को तीन तलाक के खिलाफ जागरूक करेगा।

सोमवार को बोर्ड ने अदालत में 13 पन्ने का हलफनामा दाखिल किया। बोर्ड ने हलफनामे में कहा है कि तीन तलाक की प्रथा को रोकने की कोशिश की जाएगी और इन विचारों को प्रसारित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का इस्तेमाल किया जाएगा।
बोर्ड ने कहा
बोर्ड ने कहा है कि वो निकाह करवाने शख्स को सुझाव देगा कि किसी भी तरह के मतभेद के हालात में तीन तलाक ना दिया जाए क्योंकि यह शरीयत इसे नापंसद करता है। बोर्ड के अनुसार निकाह कराने वाला शख्स निकाहनामे में यह शर्त शामिल करने का सुझाव देगा कि शौहर एक ही बार में तीन तलाक नहीं देगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था..
इससे पहले वहीं तीन तलाक परऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट को सुझाव दिया कि मुस्लिम महिलाओं को निकाह के वक्त ही तीन तलाक के लिए इनकार करने का विकल्प दिया जा सकता है? निकाह के वक्त ही काजी महिला को ये विकल्प दे कि वह निकाह में तीन तलाक को मना करने को कह सकती है।
इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जे. एस. खेहर, जस्टिस कुरियन जोसफ, जस्टिस आर. एफ. नरीमन, जस्टिस यू. यू. ललित और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की संवैधानिक बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही थी।












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