Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

ADR रिपोर्ट 2021: क्षेत्रीय दलों को 'अज्ञात' स्रोतों से मिला 55 फीसदी चंदा, बीजेपी सर्वाधिक दान पाने वाली पार्

नई दिल्ली, 12 नवंबर: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने गुरुवार को एक रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में क्षेत्रीय दलों को मिले चंदे का 55 फीसदी से अधिक 'अज्ञात' स्रोतों से आया है। क्षेत्रीय दलों ने साल 2019-20 में अज्ञात स्रोतों से 445.77 करोड़ रुपये जुटाए, जो उनकी कुल आय का 55.50 फीसदी है। रिपोर्ट के अनुसार, "अज्ञात" स्रोतों का लगभग 95% दान यानि कि 426.23 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए मिला है। क्षेत्रीय दलों ने स्वैच्छिक योगदान से 4.97 करोड़ रुपये एकत्र किए।

ADR report 2021 Over 55 percent donations to regional parties from ‘unknown’ sources

रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2019-20 में 25 क्षेत्रीय दलों को 803.24 करोड़ रुपये चंदा मिला था, इसमें से 445.7 करोड़ रुपये 'अज्ञात' स्रोतों से मिला था। रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय दलों को "अज्ञात" सोर्स से मिले चंदे की वजह से उनकी आय का 70.98% तक का इजाफा हुआ है। चुनाव नियमों के अनुसार वर्तमान में राजनीतिक दलों को 20,000 रुपये से कम देने वाले व्यक्तियों या संगठनों के नाम का खुलासा करने की अनिवार्यता नहीं है। इस कारण बड़ी मात्रा में उन्हें मिले धन के स्रोत का पता नहीं लगाया जा सकता है, यह स्रोत अज्ञात ही रहते हैं।

Recommended Video

    Punjab Election 2022: AAP ने जारी की पहली लिस्ट, तीन MLA को झटका | Arvind Kejriwal | वनइंडिया हिंदी

    दिलचस्प बात यह है कि अज्ञात स्रोतों से सबसे अधिक आय वाले क्षेत्रीय दलों की सूची में दक्षिण भारत की पार्टियां जिसमें टीआरएस, टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, डीएमके और जद (एस) सबसे ऊपर हैं। इस सूची में ओडिशा की सत्तारूढ़ बीजेडी भी शामिल है। टीआरएस को 89.158 करोड़ रुपए, टीडीपी को 81.694 करोड़ रुपए, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी 74.75 करोड़ रुपए, बीजेडी को 50.586 करोड़ रुपए और डीएमके 45.50 करोड़ रुपए का अज्ञात सोर्स दान घोषित किया गया है।

    एडीआर ने कहा कि ज्ञात चंदा दाताओं से राजनीतिक दलों की कुल आय (निर्वाचन आयोग को दलों द्वारा प्रस्तुत योगदान रिपोर्ट से उपलब्ध चंदा दाताओं का विवरण) 184.62 करोड़ रुपये है, जो इन दलों की कुल आय का 22.98 प्रतिशत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अन्य ज्ञात स्रोतों (सदस्यता शुल्क, बैंक ब्याज, प्रचार सामग्री की बिक्री, पार्टी शुल्क आदि) से राजनीतिक दलों को 172.84 करोड़ रुपये की आय हुई, जो कुल आय का 21.52 प्रतिशत है। एडीआर ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की योगदान रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध है, लेकिन इन दलों के चंदे के आंकड़े वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए उनकी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट और योगदान रिपोर्ट (20,000 रुपये से अधिक का चंदा) में घोषित विसंगतियों को दर्शाते हैं।

    भारतीय जनता पार्टी को साल 2019-20 में व्यक्तिगत और कंपनियों की तरफ से दान सहित इलेक्टोरल ट्रस्ट से कुल 785 करोड़ रुपए का चंदा मिला। बीजेपी को लगातार सातवें साल सबसे ज्यादा सियासी चंदा मिला है। वहीं कांग्रेस को 139 करोड़ रुपए का चंदा मिला है। बीजेपी चंदे में सबसे अधिक योगदान इलेक्टोरल ट्रस्ट, उद्योगों और पार्टी के अपने नेताओं ने किया है। बीजेपी को सबसे अधिक चंदा देने वाले नेताओं में पीयूष गोयल, पेमा खांडू, किरण खेर और रमन सिंह शामिल हैं।

    चुनाव आयोग को दिए गए विवरण के अनुसार बीजेपी ने इस साल असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल में हुए चुनावों में 252 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें से 151.18 करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के लिए खर्च किए गए। टीएमसी ने कहा कि उसने पश्चिम बंगाल चुनावों पर 154.28 करोड़ रुपये खर्च किए।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+