सरकार को लोगों पर राज नहीं बल्कि उनकी सेवा करनी चाहिए- आदित्य ठाकरे
नई दिल्ली। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने देशभर में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार लोगों के मन की बात नहीं सुन रही है, लिहाजा हमने फैसला लिया है मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी हमारी पार्टी गुजरात और गोवा की तरह चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव लड़ेंगे, जैसे हमने गुजरात और गोवा में चुनाव लड़ा उसी तरह से हम अगले साल राजस्थान व मध्य प्रदेश में भी चुनाव लड़ेंगे। यूपी, बिहार और कश्मीर में हमारे पास अच्छे वोट हैं, हम केरल में भी चुनाव लड़ सकते हैं।

हमने सरकार को सुझाव दिया
ठाकरे ने कहा कि लोग हमें गंभीरता से ले रहे हैं, हमारे पास विकास का खाका है, हमारे पार शहरों को बेहतर करने का प्लान है। उन्होंने कहा कि हमने 50 साल तक लोगों की आवाज को आगे बढ़ाया है। भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2014 में जब भाजपा सत्ता में आई तो सबअर्बन रेल किराए में वृद्धि की गई, जिसका हमने विरोध किया। हमने नोटबंदी, जीएसटी में सुधार का सुझाव दिया, अगर उसे आलोचना के तौर पर लिया गया तो हम क्या कर सकते हैं। सरकार को लोगों की मन की बात के लिए खुले रहना चाहिए। सरकार को लोगों पर राज नहीं बल्कि उनकी सेवा करनी चाहिए।
सरकार विफल रही है
एनडीए से अलग होने की बात पर ठाकरे ने कहा कि इसका फैसला पार्टी के अध्यक्ष और शिवसैनिक लेंगे, लेकिन सरकार के खिलाफ देशभर में काफी असंतोष है। नोटबंदी के पीछे की वजह अभी भी साफ नहीं हो सकी है, हर कोई उसपर सवाल पूछ रहा है। जीएसटी को गलत तरीके से लागू किया गया। गुजरात के नतीजे सामने आने के बाद साफ हो गया है कि पीएम मोदी के गढ़ में कांग्रेस उभर रही है। इसके साथ ही आतंकवाद, घटती नौकरी, शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के क्षेत्र में सरकार की नीति पूरी तरह से विफल है।
सरकार प्रचार पर ज्यादा ध्यान दे रही
ठाकरे ने कहा कि हमारे लिए समाज का हर वर्ग जरूरी है, छात्र खुश नहीं है, अगर आप किसानों की बात करें तो ऋण माफी के बाद भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। ऋण माफी को लागू करने में ऐतिहासिक भूल की गई है। अगर आपको लगता है कि महिलाएं खुश हैं तो आपको नहीं भूलना चाहिए कि यूपीए सरकार के दौरान गैस की कीमतें 400 रुपए थी और अब यह 800 रुपए पहुंच चुकी है। हमने उन लोगों की जानकारी मांगी है कि कितने लोगों को ऋण माफी का लाभ मिला, सरकार प्रचार और पीआर पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
जो चाहे हमारे साथ आ सकता है
कांग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने जो भी कहा वह तथ्यात्मक है, इसका मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस ने अच्छा किया है। सेना बहुमत के साथ सत्ता में आएगी और जो भी हमारे साथ आना चाहता है, लोगों का समर्थन करना चाहता है कि वह हमारे साथ आ सकता है। 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निर्भर करता है कि पार्टी मुझे टिकट देती है या नहीं, यह मेरे हाथ में नहीं है।












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