ISRO Mission: 125 दिन, 15 लाख KM की दूरी... सूरज के L1 प्वाइंट पर पहुंचा Aditya यान
ISRO Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बार फिर से इतिहास रच दिया है। इसरो ने अपने सूर्य मिशन 'आदित्य-एल1' यान को 125 दिनों में 15 लाख किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद लैंग्रेज प्वाइंट 1 पर हेलो ऑर्बिट में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है।
इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भारत ने एक और मील का पत्थर बनाया। भारत की पहली सौर वेधशाला, आदित्य-एल1 अपने गंतव्य तक पहुंच गई। पीएम ने आगे कहा कि यह सबसे जटिल और पेचीदा अंतरिक्ष अभियानों को साकार करने में हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है। मैं इस असाधारण उपलब्धि की सराहना करने में राष्ट्र के साथ शामिल हूं। हम मानवता के लाभ के लिए विज्ञान की नई सीमाओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।

आपको बता दें कि 'आदित्य-एल1' यान को पृथ्वी से सूर्य का अध्ययन करने के लिए पिछले साल 2 सितंबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था। इसरो की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई दी है।
अब होगा आगे क्या?
अंतरिक्ष यान अब एक कमीशनिंग चरण से गुजरेगा। जिसके बाद यह बेहतर ढंग से समझने के लिए सूर्य का अवलोकन करना शुरू कर देगा कि कैसे हमारे सौर मंडल का तारा न केवल पृथ्वी पर जीवन को शक्ति प्रदान करता है, बल्कि जितना हम समझते हैं, उससे कहीं अधिक दूरगामी प्रभाव डालता है।
क्या है L1 प्वाइंट?
लैग्रेंजियन प्वाइंट 1 (एल1) अंतरिक्ष में एक स्थिर बिंदु है, जहां पृथ्वी और सूर्य जैसे दो बड़े पिंडों का गुरुत्वाकर्षण बल एक उपग्रह जैसी छोटी वस्तु द्वारा महसूस किए गए सेंट्रिपेटल बल को संतुलित करता है। यह दो बड़े पिंडों को जोड़ने वाली रेखा के साथ स्थित है और सैटेलाइट्स को अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति बनाए रखने की इजाजत देता है।












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