'नियम केवल विपक्ष के लिए है या स्मृति ईरानी पर भी...', सोनिया गांधी के बचाव में जयराम रमेश ने संभाला मोर्चा
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'राष्ट्रपत्नि' वाले बयान को लेकर गुरुवार को लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ।
नई दिल्ली, 28 जुलाई : कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'राष्ट्रपत्नि' वाले बयान को लेकर गुरुवार को लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और निर्मला सीतारमण समेत बीजेपी सांसदों ने इसको लेकर भारी विरोध जताया। इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि लोकसभा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का व्यवहार 'अत्याचारी और अपमानजनक' था। क्या लोकसभा अध्यक्ष उनके खिलाफ कोई एक्शन लेंगे? क्या नियम केवल विपक्ष के लिए हैं?

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जयराम रमेश पर पलटवार करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस इस बात को पचा नहीं पा रही है कि एक गरीब आदिवासी परिवार की बेटी भारत की राष्ट्रपति बन गईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को रिमोट कंट्रोल और बुरे विचारों की प्रतिनिधि कहा। इसके बाद कल अधीर रंजन चौधरी ने उन्हें राष्ट्रपत्नि कहा।
सोनिया गांधी ने दी अपमान की मंजूरी- ईऱानी
उन्होंने कहा कि कांग्रेस गरीबों, आदिवासियों और महिलाओं के खिलाफ है। पार्टी ने सेना प्रमुख का भी अपमान किया है। स्मृति ईरानी ने कहा कि सोनिया जी ने सर्वोच्च संवैधानिक पद पर एक महिला के अपमान की मंजूरी दी। सोनिया जी ने एक गरीब महिला के अपमान को मंजूरी दी जो इस देश में सर्वोच्च पद पर आसीन हुई हैं। आपने हर भारतीय नागरिक के अपमान को मंजूरी दी।
'सोनिया गांधी को मत घसीटो'
वहीं अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह एक गलती हुई है। मैं राष्ट्रपति के अपमान के बारे में सोच भी नहीं सकता। मैं व्यक्तिगत रूप से राष्ट्रपति से मिलूंगा और अगर उन्हें बुरा लगा है तो हम माफी मांगेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे मुझे फांसी पर चढ़ा दो, लेकिन सोनिया गांधी को इस विवाद में क्यों घसीट रहे हो।
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