अदाणी का बड़ा दांव: विशाखापट्टनम में बनेगा भारत का सबसे बड़ा AI-रेडी डेटा सेंटर
भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक बड़ा कदम उठाते हुए अदाणी ग्रुप और एजकनेक्स (EdgeConneX) के जॉइंट वेंचर 'अदाणीकनेक्स' (AdaniConneX) ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 1 GW का AI-रेडी डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म बनाने का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और अगली पीढ़ी की डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने में गेम-चेंजर साबित होगा।

अदाणी ग्रुप इस प्रोजेक्ट में करीब 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश कर रहा है। यह निवेश भविष्य की डिजिटल इकोनॉमी के लिए वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की ग्रुप की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है। जिस तरह से हर सेक्टर में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है, उसे देखते हुए बड़े पैमाने पर ऊर्जा-कुशल और हाई-कैपेसिटी वाले डेटा सेंटर इकोसिस्टम की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
भारत में डेटा सेंटर की ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए बना अदाणीकनेक्स इस प्रोजेक्ट में लीड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर की भूमिका निभाएगा। कंपनी यहां ऐसी स्केलेबल और AI-रेडी सुविधाएं विकसित करेगी, जो हाइपरस्केलर्स, ग्लोबल टेक कंपनियों और AI आधारित बिजनेस के भारी-भरकम वर्कलोड को आसानी से संभाल सकेंगी।
विशाखापट्टनम के इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खूबी इसका इंटीग्रेटेड एनर्जी बैकबोन होगा। बिजली उत्पादन, रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन के क्षेत्र में अदाणी ग्रुप की महारत का फायदा उठाते हुए इस प्रोजेक्ट में निर्बाध और टिकाऊ बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। आधुनिक डेटा सेंटर के लिए एनर्जी सिक्योरिटी सबसे अहम जरूरत है और यही इस प्रोजेक्ट को दूसरों से अलग बनाएगा।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुनिया भर में AI और क्लाउड विस्तार की वजह से डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत जिस रफ्तार से डिजिटल इकोनॉमी के रूप में उभर रहा है, ऐसे बड़े निवेश देश को ग्लोबल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के हब के तौर पर स्थापित करेंगे।
इस प्रोजेक्ट को अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा, जो ग्राहकों की मांग पर निर्भर करेगा। इस फेस्ड अप्रोच से एक ऐसा फ्यूचर-रेडी इकोसिस्टम तैयार होगा, जो मार्केट की जरूरतों के हिसाब से विस्तार कर सकेगा और साथ ही अपनी कार्यक्षमता और स्थिरता को भी बरकरार रखेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा यह प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी काफी फायदेमंद होगा। इससे न केवल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश बढ़ेगा, बल्कि कंस्ट्रक्शन, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के ढेरों अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह पूरे क्षेत्र में इनोवेशन के एक नए माहौल को बढ़ावा देगा।
विशाखापट्टनम पहले से ही एक इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब है, लेकिन इस निवेश के बाद यह एक रणनीतिक 'डिजिटल गेटवे' के रूप में उभरेगा। शहर की तटीय लोकेशन और बेहतर कनेक्टिविटी इसे बड़े पैमाने के टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक आदर्श जगह बनाती है।
यह पहल अदाणी ग्रुप के उस बड़े विजन का हिस्सा है, जिसके तहत ग्रुप अगले एक दशक में भारत के AI, एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 100 बिलियन डॉलर का निवेश करने जा रहा है। इस कदम के साथ अदाणी ग्रुप भारत को टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और सस्टेनेबल ग्रोथ में ग्लोबल लीडर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहा है।












Click it and Unblock the Notifications