अडानी मामले पर पहली बार बोले अमित शाह, 'ना कुछ छिपाने को है और ना ही डरने की जरूरत'
Amit Shah on Gautam Adani: गौतम अडानी पर खुलकर अमित शाह ने बोलते हुए कहा कि इसमे कुछ भी छिपाने को नहीं है और ना ही इसमे डरने की जरूरत है।

Amit Shah on Gautam Adani: उद्योगपति गौतम अडानी पर जिस तरह के अलग-अलग आरोप लगे हैं उसपर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में जुटा है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद संसद में अडानी को लेकर जमकर हंगामा हुआ है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस पूरे मामले पर कहा है कि इसमे कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है और ना ही डरने की जरूरत है। एएनआई को दिए इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि इस मामले में कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है। दरअसल इंटरव्यू के दौरान जब अमित शाह से पूछा गया कि भाजपा पर अडानी का समर्थन करने का आरोप तो इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि कुछ भी छिपाने वाली बात नहीं है।
अमित शाह ने कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट ने इसका संज्ञान लिया है, लिहाजा मैं इसपर ज्यादा नहीं बोलना चाहता हूं। अमित शाह ने कहा कि भाजपा के लिए इसमे कुछ छिपाने को नहीं है और ना किसी बात से डरने की जरूरत है। जिस तरह से राहुल गांधी ने संसद में अडानी के मुद्दे को उठाया उसपर अमित शाह ने कहा कि उन्हें क्या भाषण देना है, यह उन्हें सोचना चाहिए, इनकी जो स्क्रिप्ट लिखते हैं उन लोगों को सोचना चाहिए, इसमे मैं कुछ नहीं कर सकता हूं। भारतीय जनता पार्टी आजतक एक भी आरोप नहीं लगा सकता है। कांग्रेस के जमाने पर कैग, सीआईजी ने ही आरोप लगाए थे।
अमित शाह ने कहा कि इन लोगों को कोर्ट में जाना चाहिए, लेकिन ये लोग कोर्ट नहीं जाते हैं। मैंने पेगासस मामले पर भी कहा था कि आप कोर्ट जाइए, लेकिन ये लोग नहीं गए। ये सिर्फ शोर शराबा करना चाहते हैं। कोर्ट तो हमारे कब्जे में है नहीं। जो लोग कोर्ट गए, कोर्ट ने पेगासस का संज्ञान भी लिया, कोर्ट ने फैसला भी दे दिया। बीबीसी की डॉक्युमेंट्री और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर अमित शाह ने कहा कि सत्य जो होता है उसपर एक हजार षड़यंत्र कर लो कुछ नहीं होता है, वह करोड़ो सूर्य की भांति तेजस्वी बनकर ही आता है। ये लोग मोदी जी के खिलाफ 2002 से कर रहे हैं, लेकिन मोदी जी मजबूत होकर, जनता की ज्यादा लोकप्रियता हासिल करके ही बाहर आए हैं।
अमित शाह ने कहा कि जब संसद में पीएम बोलते हैं तो पूरा देश सुनता है। कुछ दल अगर नहीं सुनना चाहते हैं तो वो भी जनता देख रही है। संसद में विपक्ष के नेता के बयान को रिकॉर्ड से बाहर लिए जाने पर अमित शाह ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। संसद की कार्रवाई इस तरह के बयानों को हटाने के उदाहरण से भरा पड़ा है। संसद में नियम के अनुसार बहस करनी होती है। मैं तो मानता हूं कि जनता सबकुछ देख रही है। भारतीय लोकतंत्र इतना मजबूत हो गया है कि लोग वोट डालते हुए हर चीज को देखते हैं।












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