अदाणी का महा-एनर्जी प्लान: 2 लाख करोड़ का निवेश और न्यूक्लियर पावर में बड़ी एंट्री
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने मंगलवार को अपनी भविष्य की रणनीतियों का खुलासा करते हुए भारत के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड एनर्जी प्लान का खाका पेश किया। इस महायोजना के तहत रिन्यूएबल, थर्मल पावर, गैस, हाइड्रोपावर, हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे तमाम सेक्टर अब एक ही छत के नीचे होंगे।

अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की एजीएम (AGM) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए अदाणी ने कहा कि ग्रुप की यह मल्टी-लेयर एनर्जी स्ट्रैटेजी स्थिरता और भरोसेमंद बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में जब वैश्विक तनाव और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है, तब 24 घंटे बिजली की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
जमीनी स्तर पर ग्रुप का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है। चार नए एमडीओ (माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर) समझौतों के साथ ग्रुप की माइनिंग क्षमता अब रिकॉर्ड 145 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) तक पहुंच गई है। इसके साथ ही अदाणी ग्रुप भारत के सबसे बड़े प्राइवेट माइनर के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर चुका है।
वहीं, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक बढ़कर 72,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम आंकड़े पर पहुंच गया है। इसमें खावड़ा-दक्षिण ओलपाड HVDC लाइन एक बड़ा मील का पत्थर है। इस प्रोजेक्ट के साथ अदाणी ग्रुप भारत का इकलौता ऐसा प्राइवेट प्लेयर बन गया है जिसके पास हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) की तकनीक है। लंबी दूरी तक बिना बिजली बर्बाद किए पावर ट्रांसमिशन के लिए यह तकनीक बेहद अहम मानी जाती है।
*2 लाख करोड़ का दांव: 5 साल में 45 GW बिजली का लक्ष्य*
अदाणी पावर अब देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर पावर कैपेक्स प्रोग्राम की तैयारी कर रहा है। चेयरमैन के मुताबिक, अगले पांच वर्षों में 45 GW क्षमता हासिल करने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। अगर यह लक्ष्य पूरा होता है, तो यह भारत के प्राइवेट पावर सेक्टर के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव होगा।
*भूटान में हाइड्रो प्रोजेक्ट और न्यूक्लियर एनर्जी पर नजर*
क्लीन एनर्जी के मोर्चे पर ग्रुप ने भूटान की 'ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन' के साथ 5,000 मेगावाट हाइड्रोपावर विकसित करने के लिए हाथ मिलाया है। इससे न केवल क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग बढ़ेगा, बल्कि भारत के ग्रिड को रिन्यूएबल बेसलोड क्षमता भी मिलेगी।
सबसे चौंकाने वाला और बड़ा कदम न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में है। 'अदाणी एटॉमिक एनर्जी' के जरिए ग्रुप ने साल 2035 तक 10 GW का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही अदाणी ग्रुप भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में कदम रखने वाले शुरुआती प्राइवेट प्लेयर्स में शामिल हो गया है। भारत जिस तरह से क्लीन एनर्जी के लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है, उसे देखते हुए यह सेक्टर अब निजी निवेश के लिए धीरे-धीरे खुल रहा है।
*10 लाख से ज्यादा घरों तक पहुंची सिटी गैस*
आम घरों की बात करें तो अदाणी टोटल गैस ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के 11 लाख से ज्यादा कनेक्शन का आंकड़ा पार कर लिया है। बढ़ती मांग के बीच भारतीय शहरों में गैस की पहुंच को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर, अदाणी ग्रुप का यह एनर्जी ब्लूप्रिंट कोयला खनन और गैस वितरण से लेकर सौर, जल, परमाणु ऊर्जा और HVDC ट्रांसमिशन तक पूरी वैल्यू चेन को कवर करता है। यह सिर्फ कारोबार बढ़ाने की कोशिश नहीं है, बल्कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा दांव है।












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