बदल गई शिवपुरी की तस्वीर: 1,500 महिलाओं को अब घर बैठे मिलेगी पक्की कमाई
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी कमाई के नए रास्ते खोलने के लिए अदाणी फाउंडेशन ने मध्य प्रदेश में अपने 'स्वाभिमान' (Swabhimaan) कार्यक्रम का विस्तार किया है। इसके तहत शिवपुरी के बदरवास में एक नए आजीविका केंद्र 'अदाणी विकास केंद्र' की शुरुआत की गई है। इस केंद्र के जरिए करीब 1,500 महिलाओं को उनके घर के पास ही संगठित रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के मौके मिलेंगे।

यह पहल प्रीति अदाणी के उस विजन का हिस्सा है, जिसका मकसद महिलाओं को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका से जोड़ना है।
करीब 48,000 वर्ग फुट में फैला यह केंद्र 600 आधुनिक सिलाई मशीनों से लैस है। इसे ट्रेनिंग और प्रोडक्शन, दोनों जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य हुनर और बाजार के बीच की दूरी को खत्म करना है, ताकि महिलाएं असंगठित काम छोड़कर नियमित कमाई वाले काम से जुड़ सकें।
इस केंद्र का उद्घाटन ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण इलाकों में ऐसे प्रोजेक्ट्स से आने वाले बदलावों पर जोर दिया। आसपास के गांवों से आई 5,000 से ज्यादा महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह केंद्र स्थानीय हुनर को बड़े बाजारों से जोड़ने का एक सशक्त मंच है, जिससे महिलाओं में आर्थिक आजादी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
फाउंडेशन के मुताबिक, 'स्वाभिमान' कार्यक्रम का लक्ष्य देशभर की 10 लाख महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़ना है। बदरवास में इस पहल से न केवल परिवारों की आय बढ़ेगी, बल्कि अनियमित काम पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से पलायन भी रुकेगा।
फाउंडेशन के सीईओ डॉ. अभिषेक लखटकिया ने कहा कि इस प्रोग्राम का फोकस महिलाओं को कौशल सिखाने के साथ-साथ उन्हें सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ना है, ताकि वे सम्मान के साथ कमा सकें। इस कोशिश से परिवारों और समाज में उनकी आर्थिक भागीदारी और मजबूत होगी।
बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेनिंग और मार्केट एक्सेस पर केंद्रित यह पहल महिलाओं के लिए एक स्थायी आर्थिक इकोसिस्टम बनाने की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है। अदाणी फाउंडेशन अपनी स्थापना के 30 साल पूरे करने जा रहा है और यह विस्तार भारत भर में सामाजिक विकास के लिए किए जा रहे उसके तीन दशकों के प्रयासों को दर्शाता है।












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