Adani bribe controversy: 'मेरा नाम कहीं नहीं लिया गया' , जगन ने दी सफाई
Adani bribe controversy: वाईएसआरसीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने उन आरोपों से इनकार किया है कि अडानी समूह ने उनकी पार्टी के शासन के दौरान सौर ऊर्जा सौदों के लिए आंध्र प्रदेश के अधिकारियों को रिश्वत दी थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे से संबंधित अमेरिकी अदालत के अभियोग में उनका नाम नहीं था। रेड्डी ने कहा, "इसमें कहीं भी उल्लेख नहीं है कि मुझे प्रोत्साहन की पेशकश की गई थी।"

आरोप और कानूनी कार्रवाई
पूर्व मुख्यमंत्री ने कुछ स्थानीय समाचार पत्रों के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर करने की मंशा जताई। उन्होंने उन पर कथित रिश्वत कांड के बारे में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और भ्रामक कहानियाँ प्रकाशित करने का आरोप लगाया। रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि आरोप सुनी-सुनाई बातों पर आधारित हैं, उनके या अन्य के खिलाफ कोई सीधा दावा नहीं है।
रेड्डी ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) के साथ राज्य के समझौते पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस सौदे से आंध्र प्रदेश को 25 वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी। यह समझौता एपी डिस्कॉम और एसईसीआई के बीच था, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भागीदारी नहीं थी। इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य राज्य के लेन-देन के बारे में किसी भी गलत धारणा को दूर करना था।
अडानी समूह की भागीदारी
अमेरिकी न्याय विभाग ने अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी पर अनुकूल सौर ऊर्जा अनुबंधों के लिए भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रिश्वत देने की योजना बनाने का आरोप लगाया है। भारतीय समूह ने इन आरोपों से इनकार किया है। रेड्डी ने सीएम के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कई बार अडानी से मिलने का उल्लेख किया, उन्होंने कहा कि इस तरह की मुलाकातें व्यापारिक नेताओं और राज्य प्रमुखों के लिए नियमित होती हैं।












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