AAHL Deal: अडानी एयरपोर्ट्स को मिली बड़ी कामयाबी, मुंबई एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 1 अरब डॉलर की फंडिंग
AAHL Deal: अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) के लिए 1 अरब अमेरिकी डॉलर की परियोजना वित्तपोषण (Project Finance) संरचना के तहत सफलतापूर्वक फंडिंग प्राप्त की है। मालूम हो कि अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स भारत में हवाई अड्डा प्रबंधन संभालने वाली निजि क्षेत्र की सबसे कंपनी है।

इस लेनदेन के अंतर्गत 750 मिलियन डॉलर मूल्य के नोट्स (Notes) जारी किए गए हैं, जिनकी मैच्युरिटी जुलाई 2029 में होगी। इन नोट्स का उपयोग रिफाइनेंसिंग के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 250 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त राशि जुटाने का प्रावधान भी इस डील में शामिल है, जिससे फलस्वरूप कुल वित्तपोषण 1 अरब डॉलर तक पहुंचता है। यह फ्रेमवर्क MIAL के पूंजीगत व्यय कार्यक्रम के लिए वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगा, जिसमें हवाई अड्डों का विकास, आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार शामिल हैं।
यह भारत में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का पहला 'इनवेस्टमेंट ग्रेड' (IG) रेटेड प्राइवेट बॉन्ड इश्यू है। इस लेनदेन का नेतृत्व अपोलो-प्रबंधित फंड्स ने किया, जिसमें ब्लैकरॉक-प्रबंधित फंड्स, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों और बीमा कंपनियों ने भाग लिया। इससे भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र और अडानी एयरपोर्ट्स की संचालन क्षमताओं में वैश्विक निवेशकों का विश्वास साफ झलकता है। MIAL की स्थिर परिसंपत्ति आधार और नकदी प्रवाह के साथ परिचालन दक्षता को देखते हुए, इन नोट्स को BBB-/Stable रेटिंग मिलने की संभावना है।
AAHL अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर कायम है, जिसमें हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे को आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार, डिजिटलीकरण और तकनीकी एकीकरण के माध्यम से बदलने की योजना है। यह लेनदेन MIAL के स्थायित्व एजेंडा को भी गति देगा और 2029 तक नेट जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने के लक्ष्य में मदद करेगा।
इससे पहले भी AAHL ने वैश्विक बैंकों के समूह से 750 मिलियन डॉलर की फंडिंग प्राप्त की थी। यह नवीनतम लेनदेन अडानी समूह की विविध वैश्विक पूंजी बाजारों तक पहुंच और उच्च गुणवत्ता वाले निवेशकों को भारत के अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म से जोड़ने की क्षमता का प्रमाण है।
इस सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए अडानी एयरपोर्ट्स ने कहा, "यह इश्यू हमारी परिचालन क्षमता, MIAL की मजबूत नींव और हमारे स्थायी अवसंरचना विकास के संकल्प को प्रमाणित करता है। अपोलो और अन्य प्रमुख निवेशकों की भागीदारी से हमें वैश्विक पूंजी बाजारों तक और गहराई से पहुंच मिली है। हमारी वित्तीय अनुशासन, पूंजी दक्षता और दीर्घकालिक मूल्य सृजन की प्रतिबद्धता इससे स्पष्ट होती है।"
इस डील में कानूनी सलाहकारों के रूप में MIAL की ओर से A&O Shearman और Cyril Amarchand Mangaldas, जबकि निवेशकों की ओर से Milbank LLP और Khaitan & Co. शामिल थे।












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