बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार का कहर जारी, अब तक 47 बच्चों की मौत
बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से अब तक 47 की मौत
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम यानी एईएस (चमकी बुखार) से अब तक 47 बच्चों की मौत हो गई है। बुधवार और गुरुवार को एईएस से सात और बच्चों की मौत हुई है। मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉ शैलेश प्रसाद सिंह ने एईएस से 47 मौतों की पुष्टि की है। ये संख्या सिर्फ मुजफ्फरपुर की है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पूरे बिहार में एईएस से मरने वाले बच्चों की संख्या 60 से ज्यादा है।

प्रदेश में एईएस के 143 मामले सामने आ चुके हैं। मुजफ्फरपुर के अलावा 10 जिलों में एईएस के मरीज सामने आए हैं। गया, बेगूसराय, मीनापुर, वैशाली, शिवहर, पटना, औरंगाबाद, जहानाबाद, सीतामढ़ी और भोजपुर से भी एईएस के मामले सामने आए हैं। अस्पताल में बच्चों का इलाज हो रहा है। वहीं नए मरीजों के आने का सिलसिला भी जारी है, जो चिंता का विषय है। मुजफ्फपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज भर्ती कई मरीजों की हालत अब भी गंभीर है। रोगियों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। सोमवार को स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही था जब एक दिन में 23 बच्चों की मौत हो गई थी और 40 बच्चों को भर्ती कराया गया था।
बीमारी के लक्षण
एइएस से ग्रसित बच्चों को पहले तेज बुखार और शरीर में ऐंठन होता है और फिर ये बेहोश हो जाते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि चमकी बुखार अत्यधिक गर्मी और हवा में नमी 50 फीसदी से ज्यादा होने की वजह से होता है। उमस भरी गर्मी के कारण ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है।












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