निजामुद्दीन मरकज में उड़ी लॉकडाउन की धज्जियां तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कही ये बड़ी बात
नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने देश में कोरोना वायरस को लेकर खौफ बढ़ाने वाले दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक्टर ने एक इंटरव्यू मे कहा कि देश के अंदर अगर सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा की है तो हम सभी को उसका पूरे सम्मान के साथ पालना करना चाहिए। उन्होंने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की आप किस धर्म से ताल्लुक रखते हैं, लॉकडाउन का मतलब लॉकडाउन होता है।

लॉकडाउन का मतलब लॉकडाउन होता है
देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने सिर्फ सरकार की ही नहीं बल्कि आम लोगों की भी टेंशन बढ़ा दी है। इसी बीच दिल्ली में धार्मिक आयोजन के लिए इकट्ठा हुए 2000 से ज्यादा लोगों के सामने आमने के बाद कोरोना वायरस के मामलों में और तेजी देखी गई है। देश के कई दिग्गजों ने तबलीगी जमात पर अपना विरोध जताया है। बुधवार को बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे दूसरे लोगों के लिए खतरा बताया है।

ऐसे लोग दूसरों की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं: नवाज
एक्टर ने कहा, जब सरकार ने लॉकडाउन के लिए कहा है तो इसका मतलब है कि लॉकडाउन, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की आप कहां से और किस धर्म से हैं। सरकार द्वारा लागू किए गए लॉकडाउन का पालन न करके आप सिर्फ अफनी ही नहीं बल्कि दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डाल रहे है। बता दें कि कोरोना वायरस के खौफ से जब लोग मरकज से जाने लगे थे तो वहां के मौलाना साद का एक ऑडियो टेप काफी वायरल हुआ था।

मौलाना साद के खिलाफ केस दर्ज
मौलाना साद ने लोगों के अपील की थी कि वह कोरोना वायरस के डर से मस्जिद छोड़कर नहीं भागें। हालांकि अब आदेश का उल्लंघन करने को लेकर मौलाना साद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना वायरस (COVID-19) से जंग लड़ रही है। दुनियाभर में वायरस के कारण 36571 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या सात लाख के आंकड़ा को पार कर चुकी है। भारत में संक्रमित मामलों की संख्या 1637 हो गई है, जबकि इस महामारी से 38 लोगों की मौत भी हुई है।
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