तीन साल में सुधरा बिजली का हाल,पीएम मोदी ने किया देश को रोशन
उदय, उजाला और एसएनएलपी योजना के तहत घर से लेकर सड़कों तक को रौशन किया गया
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के तीन साल के शासनकाल में ऊर्जा के क्षेत्र में काफी बदलाव हुए हैं। कभी जरुरत भर की बिजली नहीं थी आज हिंदुस्तान खपत से ज्यादा बिजली का उत्पादन कर रहा है।अब बिजली उत्पादन के क्षेत्र में मांग और उत्पादन का अंतर करीब-करीब खत्म हो चुका है। पीयूष गोयल के नेतृत्व में ऊर्जा मंत्रालय ने गांव से लेकर शहरों तक हर जगह को रौशन किया है।

पिछले तीन साल में क्या बदला?
टोटल पॉवर क्षमता में 31 प्रतिशत का इजाफा हुआ
कंवेशनल पॉवर क्षमता में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई
ट्रांसमिशन सेक्टर में काफी विकास हुआ, देश वन प्राइस, वन ग्रीड की तरफ बढ़ रहा है।
ग्रामीण विद्युतीकरण के क्षेत्र में बेहतर काम हुआ, अगले साल तक हर गांव में होगी बिजली
शहरी विद्युतीकरण की दिशा में क्रांति, शहरों को दिए जा रहे हैं 24 घंटे बिजली
दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 23 मार्च, 2017 तक बिजली से वंचित 18,452 गांवों में से 12,699 गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है। 1 मई, 2018 से पहले बाकी बचे गांवों को भी रौशन करने का काम तेजी से चल रहा है। काम की गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में अब मात्र 9 गांव ही बचे हैं जहां बिजली पहुंचाने का काम आखिरी चरण में है।
उदय, उजाला और एसएनएलपी योजना के तहत घर से लेकर सड़कों तक को रौशन किया गया । तीन साल के भीतर देश में ऊर्जा सेक्टर का कायाकल्प हो चुका है।
ऊर्जा मंत्रालय ने स्पष्टता लाने और जिम्मेदारी तय करने की मंशा से कई ऐप लॉन्च किए जिससे चीजे काफी आसान हो गई। गांवो के बिजलीकरण के लिए गर्व ऐप,एलईबी बल्व के लिए उजाला, बिजली दरों के लिए विद्युत प्रवाह, शहरी बिजली के लिए ऊर्जा ऐप, ट्रांसमिशन के लिए तरंग, साथ ही उदय और ऊर्जा मित्र जैसे ऐप लॉन्च किए गए। जिससे चीजे काफी आसान हुईं।












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