अब अगले महीने नहीं हो पाएगी अबू सलेम की शादी

अबू सलेम
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दैनिक जागरण के मुताबिक 1993 मुंबई धमाकों के दोषी अंडरव‌र्ल्ड डॉन अबू सलेम की 5 मई को प्रस्तावित शादी अब नहीं हो पाएगी.

नवी मुंबई की तलोजा जेल में उम्र कैद की सज काट रहे उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ नि़ावासी डॉन की पैरोल की अर्ज़ी कोंकण के डिवीज़नल कमिश्नर ने ख़ारिज कर दी है. सलेम ने ठाणे की मुंब्रा निवासी महिला से शादी करने के लिए पैरोल पर 40 दिनों के लिए रिहा करने की अपील की थी. 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामलों में दोषी करार दिए गए गैंगस्टर अबू सलेम का 27 साल की कौसर बहार से निकाह 5 मई को होना तय हुआ था. कौसर महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले के मुंब्रा में रहती हैं. निकाह के बाद रिसेप्शन पार्टी भी देना तय हुआ था.

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अबू सलेम की अर्ज़ी की एक कॉपी मुंब्रा पुलिस स्टेशन में सत्यापन के लिए भेजी गई है. पुलिस ने अबू सलेम की होने वाली पत्नी कौसर बहार और उसके परिजनों से पूछताछ की है. कौसर के बयान में इस बात की पुष्टि हुई है कि 5 मई को अबू सलेम पैरोल पर बाहर आकर उनसे निकाह करना चाहते हैं. हालांकि नवी मुंबई के पुलिस कमिश्नर ने सलेम की पैरोल अर्ज़ी को नामंज़ूर कर दिया है.

अबू सलेम की इस लव स्टोरी की कहानी साल 2014 में तब सामने आई थी जब फ़र्ज़ी पासपोर्ट मामले की पेशी के दौरान लखनऊ ले जाते समय ट्रेन में फ़ोन पर ही उनकी निकाहनामा पढ़ाकर शादी हुई थी. टाडा कोर्ट ने इस मामले के सामने आने के बाद जांच के आदेश दिए थे. जांच में पुलिस ने कहा था कि क्राइम ब्रांच को अबू सलेम और कौसर बहार के शादी के सबूत नहीं मिले हैं.

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सांकेतिक तस्वीर
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बिजली नहीं दी तो गोली मार दी

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के धूम मनिकपुर गांव में एक सबस्टेशन ऑपरेटर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक सबस्टेशन के एक अन्य अधिकारी ने आरोप लगाया है कि कुछ अज्ञात लोगों ने फ़ोन पर बिजली सप्लाई चालू करने को कहा था.

पुलिस के मुताबिक ऑपरेटर सतवीर तोमर ने ख़राब मौसम का हवाला देते हुए बिजली सप्लाई चालू करने से इनकार कर दिया. इसके बाद कुछ लोग सब स्टेशन पहुँचे और बिजली सप्लाई चालू करने को कहा. मना करने पर इन लोगों ने सतवीर की गोली मारकर हत्या कर दी.

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड

दैनिक भास्कर के मुताबिक वैश्विक कर्ज़ 164 लाख करोड़ डॉलर (करीब 10,660 लाख करोड़ रुपए) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. इससे वैश्विक मंदी का ख़तरा मंडराने लगा है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेताया है कि बढ़ते वैश्विक कर्ज़ का यह ट्रेंड इतना ख़तरनाक है कि वित्तीय स्थिति बिगड़ने पर तमाम देशों के लिए अपने कर्ज़ को चुकाना मुश्किल हो जाएगा और दुनिया भीषण वैश्विक मंदी के चपेट में आ सकती है.

आईएमएफ़ हर छह माह में फ़िस्कल मॉनिटर रिपोर्ट जारी करता है. इस बार उसने बुधवार को यह रिपोर्ट जारी की है. इसके मुताबिक साल 2016 में वैश्विक पब्लिक और प्राइवेट कर्ज़ बढ़ते हुए 2016 में वैश्विक जीडीपी के 225 प्रतिशत तक पहुंच चुका है. बहुत ज़्यादा कर्ज़ से देशों के ख़र्च बढ़ाने की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ेगा. इससे उनकी ग्रोथ रेट प्रभावित होगी और वे मंदी के चपेट में भी आ सकते हैं.

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