Abu Azmi Aurangzeb: अखिलेश यादव पर भड़के उद्धव ठाकरे! अबू आजमी का बचाव करने पर ठीक से सुना दिया
Abu Azmi statement on Aurangzeb: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अबू आजमी के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर लिया है। उन्होंने औरंगजेब की तारीख करने को लेकर अबू आजमी की महाराष्ट्र विधानसभा से स्थायी निलंबन की मांग की है।
मुगल शासक औरंगजेब को लेकर विवादित बयान देने के बाद अबू आजमी को बजट सत्र की पूरी अवधि के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है। लेकिन, उद्धव ठाकरे का कहना है कि यह निलंबन स्थायी रूप से होना चाहिए।

Abu Azmi statement on Aurangzeb: उद्धव ने की स्थायी निलंबन की मांग
उद्धव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'यह सिर्फ बजट सत्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अबू आजमी को स्थायी रूप से निलंबित किया जाना चाहिए।'
Abu Azmi Aurangzeb: अबू आजमी का बचाव करने पर अखिलेश पर भड़के उद्धव ठाकरे
वहीं अबू आजमी के बचाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, 'अगर उन्हें (अखिलेश यादव) आपत्ति है, तो होने दें। पूरा महाराष्ट्र उनके (आजमी) खिलाफ है। अगर उन्हें इतना ही समर्थन देना है, तो उन्हें (अबू आजमी को) यूपी से चुनाव लड़वा दें। उन्हें सच्चाई का पता ही नहीं है।'
Abu Azmi Aurangzeb: अखिलेश ने अबू आजमी के बचाव में क्या कहा है?
दरअसल, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को अबू आजमी के निलंबन की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि विचारधारा के प्रभाव में इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X-पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'अगर निलंबन का आधार विचारधारा से प्रभावित होने लगे, तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गुलामी में क्या फर्क रहेगा?'
उन्होंने आगे कहा,'निलंबन का आधार यदि विचारधारा से प्रभावित होने लगेगा तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और परतंत्रता में क्या अंतर रह जाएगा। हमारे एमएलए हों या एमपी उनकी बेखौफ दानिशमंदी बेमिसाल है। कुछ लोग अगर सोचते हैं कि 'निलंबन' से सच की जुबान पर लगाम लगा सकता है तो फिर ये उनकी नकारात्मक सोच का बचपना है। आजाद ख्याल कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा'।
Abu Azmi statement on Aurangzeb: अबू आजमी ने औरंगजेब को लेकर क्या कहा था?
अबू आजमी ने कथित तौर पर मुगल शासक औरंगजेब की प्रशंसा करते हुए कहा था कि वह 'क्रूर शासक नहीं थे' बल्कि उन्होंने कई मंदिरों का निर्माण करवाया था।
महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के एमएलए अबू आजमी ने यह भी कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के बीच की लड़ाई धर्म को लेकर नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकार को लेकर थी। उनके इस बयान को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया और विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उनके बयान को राज्य के गौरव के खिलाफ बताया है और देशद्रोह तक का केस दर्ज करने की मांग की है। यह मामला यूपी विधानसभा में भी गूंजा है, जहां आजमी के बचाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सपा पर निशाना साधा है। उन्होंने अखिलेश यादव से मांग की कि, 'उस कमबख्त को पार्टी से निकालिए।'












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