आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम की विधायकी रद्द, गलत उम्र बताने का आरोप
नई दिल्ली। रामपुर से सांसद आजम खान और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भूमि अधिग्रहण, चोरी और रिश्वतखोरी के मामले में आजम खान, उनकी पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम खान को बुधवार को जेल भेजा गया था। गुरुवार को फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट में दोषी पाए जाने पर पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की विधायकी खारिज कर दी थी।

प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप कुमार दुबे द्वारा गुरुवार को जारी एक बयान में बताया गया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा नवाब काजिम अली खां की याचिका पर पारित निर्णय में मो. अब्दुल्ला आजम खान सदस्य विधानसभा का निर्वाचन रद्द घोषित कर दिया गया है। उच्च न्यायालय के प्रश्नगत निर्णय के विषय में किसी स्थगनादेश की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए अब्दुल्ला आजम खान का निर्वाचन उच्च न्यायालय के निर्णय 16 दिसंबर 2019 से विधि शून्य माना जायेगा। अत: यूपी विधानसभा में अब्दुल्ला आजम का उक्त स्थान रिक्त हो गया है।
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अब्दुल्ला आजम सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचे लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। उनकी सदस्यता समाप्त कराने का आधार निर्धारित आयु सीमा से पहले उनका विधायक चुना जाना है। उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ यह फैसला उनके प्रतिद्वन्दी नवाब काजिम अली की याचिका पर दिया है। मौजूदा विधानसभा में अपनी सदस्यता गवाने वाले तीसरे विधायक है।
इससे पूर्व भाजपा के विधायक अशोक सिंह चंदेल तथा कुलदीप सिंह सेंगर अपनी सदस्यता गंवा चुके है। अशोक सिंह चंदेल की रिक्त विधानसभा सीट पर उपचुनाव भी हो चुका है। गौरतलब है कि फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट केस में कुर्की का नोटिस जारी होने के बाद आजम खान, उनकी पत्नी और विधायक तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम ने बुधवार को रामपुर की अदालत में सरेंडर किया था। यहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। गुरुवार को इन तीनों को रामपुर जेल से सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया।












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